26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्चः राजपथ की तरह किसानों की ट्रैक्टर परेड में भी दिखेंगी झांकियां

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प्रशांत सोनी/नई दिल्ली
26 जनवरी के दिन राजपथ पर निकलने वाली परेड तो हर साल ही चर्चा में रहती है, लेकिन इस बार उससे ज्यादा चर्चा किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड को लेकर हो रही है। दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर पिछले 55 दिनों से चल रहे किसान आंदोलन को लीड कर रहे किसानों के संगठनों भी इस बार 26 जनवरी पर दिल्ली की आउटर रिंग रोड पर ट्रैक्टर परेड निकालने की घोषणा कर दी है।

सुप्रीम कोर्ट के जरिए इस परेड पर रोक लगाने की केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कोशिश नाकाम हो चुकी है और अब गेंद पूरी तरह से दिल्ली पुलिस और सरकार के पाले में है, जो लगातार इस कोशिश में हैं कि किसान संगठन किसी तरह इस परेड के आयोजन को स्थगित कर दें, किसान न केवल अपनी बात पर डटे हुए हैं, बल्कि इस परेड को सफल बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां करने में भी जुटे हुए हैं। ऐसे में हो सकता है कि इस बार 26 जनवरी पर दिल्ली और देश की जनता को दो-दो परेड देखने का अवसर मिल जाए। किसानों की ट्रैक्टर परेड आकर्षण किसी लिहाज से कम न हो, इसके लिए कई योजनाओं पर काम चल रहा है।

आम लोगों को आने का न्यौता
कोलकाता में मौजूद अखिल भारतीय किसान संघर्ष एवं समन्वय समिति के सदस्य योगेंद्र यादव ने एनबीटी से खास बातचीत में बताया कि पूर्व सैनिकों के साथ हमने एक खाका तैयार किया है, जिसके आधार पर कुछ ट्रैक्टरों को विशेष रूप से तैयार किया जाएगा। हमारी कोशिश है कि जिस तरह राजपथ पर अलग-अलग राज्यों की झांकियां निकलती हैं, उसी तरह हमारी ट्रैक्टर परेड में भी देश हर राज्य की कम से एक झांकी हो, जिसमें हम वहां के किसानों की दशा को दिखाएंगे। जिस तरह झांकियों के साथ लोग चाहते हैं, उसी तरह इन झांकियों के साथ भी उन राज्यों के किसानों की वेष-भूषा में लोग चलेंगे। हर ट्रैक्टर पर तिरंगा झंडा और किसान संगठनों के झंडे लगाए जाएंगे। साथ में देशभक्ति के गीत भी चलाए जाएंगे। ट्रैक्टर परेड में पूर्व सैनिक, मेडल विजेता, खिलाड़ी और महिलाओं के अलावा किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों के परिजनों को शामिल करने का भी प्रयास जारी है। साथ ही पूरी दिल्ली की जनता को खुला न्यौता दिया जाएगा कि लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आएं और ट्रैक्टर परेड और किसानों की झांकियों को देखें। इसके लिए उन्हें कोई वीआईपी निमंत्रण या टिकट लेने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।

विरोध प्रदर्शन नहीं होगा परेड में
योगेंद्र यादव ने स्पष्ट किया है कि हमारा उद्देश्य कोई दिल्ली पर चढ़ाई करने का नहीं है और ना किसी विरोध प्रदर्शन की तरह यह परेड निकाली जा रही है। गणतंत्र में जो गण, यानी आम जनता को जो सम्मान मिलना चाहिए, हम उसी सम्मान को वापस केंद्र में लाने का उत्सव मना रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हम अपने देश की परेड में किसी भी तरह का विघ्न नहीं डालेंगे और इसीलिए हमने तय किया है कि 26 जनवरी के दिन जब राजपथ की परेड खत्म हो जाएगी और एयरफोर्स के विमान उड़कर निकल जाएंगे, उसके बाद ही हम अपनी परेड शुरू करेंगे। परेड के रूट को लेकर भी योगेंद्र यादव ने कहा कि अगर पुलिस कहेगी कि किसी बिंदु पर कोई समस्य है या कहीं कोई अस्पताल है, जहां मरीजों को दिक्कत हो सकती है, तो हम अपनी परेड के रूट को डाइवर्ट करने कर देंगे।

अनुशासन बनाए रखने की कोशिशें
योगेंद्र यादव ने बताया कि ट्रैक्टर परेड की रूपरेखा तय करने के लिए गुरुवार की सुबह 11 बजे पुलिस अधिकारियों के साथ सिंघू बॉर्डर पर एक और बैठक होगी, जिसके बाद बाकी की चीजें भी स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसानों की ट्रैक्टर परेड पूरे अनुशासन के साथ निकलेगी। इसके लिए किसान आंदोलन से जुड़ी अनुशासन और सिक्योरिटी कमिटी दिनरात काम कर रही है। यह भी प्रयास किया जा रहा है कि परेड में शामिल होने वाले सभी ट्रैक्टरों और उन पर सवार होने वाले तमाम लोगों का रजिस्ट्रेशन किया जाए, जिससे बाहरी लोगों के शामिल होने की संभावना को खत्म किया जा सके।