शहादत के 101 साल बीते, जलियांवाला बाग में कितने शहीद? आज भी किसी को नहीं पता!

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युद्धवीर राणा, अमृतसर
के बारे में आपने भी बचपन में पढ़ा होगा, मगर इस भयानक नरसंहार के 101 साल बाद भी यह पता नहीं लग सका है कि 13 अप्रैल, 1919 को अंग्रेजों की गोलीबारी में कितने लोग मारे गए थे। जिला प्रशासन ने हाल ही में जलियांवाला बाग में हुए 492 लोगों की लिस्ट को अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया है जिसके साथ ही भ्रम और बढ़ गया है।

इतिहासकारों और जलियांवाला बाग शहीद परिवार समिति के सदस्यों ने मांग की है कि सुधार के साथ राष्ट्रीय स्तर पर ऐसी एक लिस्ट जारी की जाए। जिससे इस ऐतिहासिक घटना में शहीद हुए लोगों की संख्या को लेकर भ्रम की स्थिति हमेशा के लिए खत्म हो सके।

समिति के अध्यक्ष महेश बहल ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि जलियांवाला बाग के शहीदों की कई लिस्ट हैं। उन्होंने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमें अपने शहीदों की संख्या के बारे में ही सही से नहीं पता है और यही वजह है कि एक नहीं शहीदों की कई लिस्ट चलती रहती हैं।’

में निहत्थों पर चली थीं 1650 राउंड गोलियांइतिहासकार सुरिंदर कोचर ने कहा कि ब्रिगेडियर-जनरल रेजिनाल्ड डायर के फायरिंग के आदेश के बाद उस दिन शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे भारतीयों पर 1,650 राउंड फायरिंग की गई थी। पंजाब के तत्कालीन लेफ्टिनेंट गवर्नर ओ डायर को भेजी गई रिपोर्ट में मृतकों की संख्या 200 से 300 के बीच बताई गई थी। कोचर ने कहा, ‘तत्कालीन मुख्य सचिव ने 290 की मौत का आंकड़ा बताया था। जबकि एक सैन्य रिपोर्ट में उल्लेख किया गया था कि 200 लोग मारे गए हैं। अमृतसर सेवा सविति इस आंकड़े को 501 बताती है।’

RTI में मिली जानकारी, 515 लोग हुए थे शहीद
महेश बहल ने कहा, ‘समिति की जानकारी के अनुसार, 13 अप्रैल 1919 को 1,050 लोगों ने शहादत हासिल की।’ सुनील कपूर के परदादा लाला वासु मान कपूर जलियाँवाला बाग में हुई गोलीबारी में शहीद हुए थे। उन्होंने कहा कि शहीदों की गिनती पर भ्रम सभी के लिए खत्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2009 में उन्हें आरटीआई के जरिए शहीदों की एक लिस्ट मिली थी, जिसमें 501 और 14 व्यक्तियों के नाम थे। उन्होंने कहा, ‘इसके मुताबिक गोलीबारी में 501 लोगों की तुरंत मौत हो गई थी जबकि 14 लोगों ने बाद में दम तोड़ दिया।’

‘जलियांवाला बाग के शहीदों की संख्या 2000 से ज्यादा”जलियांवाला बाग, 1919: द रियल स्टोरी’ की लेखक किश्वर देसाई ने कहा जलियांवाला बाग में मारे गए लोगों की पूरी लिस्ट कभी जारी नहीं हुई। उन्होंने कहा, ‘शहीदों की संख्या 2,000 या उससे अधिक हो सकती है।’ उन्होंने कहा कि उन्हें 1919 से एक हाथ से लिखी हुई फाइल मिली, जिसमें उस दिन मारे गए लोगों के नाम लिस्टेड थे।