बदायूं गैंगरेपः ‘शाम को बाहर न जाती पीड़िता तो नहीं होता गैंगरेप’.. महिला आयोग की सदस्य के बयान पर विवाद

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अरविंद, बदायूं
उत्तर प्रदेश के बदायूं में महिला के साथ गैंगरेप के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने गुरुवार को पीड़िता के परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि महिला को किसी के भी प्रभाव में समय-असमय बाहर नहीं निकलना चाहिए था। उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि पीड़िता अगर शाम के समय अकेली नहीं गई होती तो ऐसी घटना भी नहीं होती। चंद्रमुखी के इस बयान के बाद लोगों ने उनकी जमकर आलोचना की। बाद में उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपने बयान पर माफी मांगी है।

बता दें कि प्रदेश के बदायूं में महिला के साथ बलात्कार के मामले को लेकर राज्य में बवाल मचा है। इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्या चंद्रमुखी पीड़िता के परिवार से मुलाकात के लिए बदायूं गई थीं। परिजन से मिलने के बाद उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात की। इस दौरान चंद्रमुखी ने मामले में पीड़िता को ही गलत ठहरा दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समय-असमय घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। अगर पीड़िता शाम के समय अकेली बाहर नहीं गई होती तो यह घटना न होती।

मामले को बताया था सुनियोजित
चंद्रमुखी ने आगे कहा कि यह मामला सुनियोजित था क्योंकि महिला को फोन करके बुलाया गया था। इसके बाद वह वहां गई और ऐसी स्थिति बनी। हालांकि, विवादित बयान मीडिया में आने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य चंद्रमुखी ने वीडियो जारी करते हुए माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि बदायूं कांड को लेकर विभिन्न चैनलों में बयान देखा कि महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए लेकिन मैंने इस संदर्भ में ऐसी कोई बात नहीं कही।

वीडियो जारी कर मांगी माफी
चंद्रमुखी ने कहा कि अगर कहीं से भी मेरे बयान का यह मतलब होता है तो मैं अपने बयान को वापस लेती हूं और पीड़ित परिवार और महिलाओं से माफी मांगती हूं। वहीं महिला आयोग की सदस्य चंद्रमुखी का विवादित बयान मीडिया में आने के बाद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। कुछ संगठनों ने उन पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य को इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए। उन्हें महिलाओं के हित की बात करनी चाहिए थी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की बात करनी चाहिए थी। उन्होंने विवादित बयान देकर महिलाओं का अपमान किया है।