गाजियाबाद : अंतिम संस्कार में आए लोगों पर अचानक गिरी छत, 23 की दर्दनाक मौत

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गाजियाबाद
उत्तर प्रदेश के जिला गाजियाबाद स्थित मुरादनगर श्मशान घाट में हो रहे निर्माण के दौरान तेज बारिश होने से लिंटर गिर गया है। कई लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना है। बताया जा रहा है कि इस हादसे में अब तक 23 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है। सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। राहत टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। हादसे का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। योगी ने डीएम और एसएसपी को प्रभावी ढंग से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए हैं।

मेरठ की कमिश्‍नर अनीता सी मेश्राम ने कहा है कि अब तक 23 लोगों के मरने की खबर है। 38 लोगों को मलबे से निकाल लिया गया है। हमने मामले की जांच शुरू कर दी है। जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हादसे में इनकी गई जान-

लिंटर का हो रहा था निर्माणउत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर और दिल्ली से सटे गाजियाबाद में एक भीषण हादसा हुआ है। मुरादनगर के श्मशान घाट परिसर में लिंटर का निर्माण किया जा रहा था।

इसी दौरान बारिश होने के कारण लिंटर गिर गया। कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बता दें कि इस हादसे में शामिल लोग अंतिम संस्कार करने के लिए यहां आए थे।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जताया शोक
गाजियाबाद की घटना पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शोक जताया है। उन्होंने कहा, ‘गाजियाबाद के मुरादनगर स्थित श्मशान में छत गिरने की घटना अत्यन्त दुखद है। मृतकों के परिवार जन को मेरी शोक संवेदनाएं। मैं प्रार्थना करता हूं कि इस दुर्घटना में आहत लोग शीघ्र स्वस्थ हों। स्थानीय प्रशासन राहत और सहायता हेतु कार्यरत है।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गाजियाबाद की घटना पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने लिखा, ‘उत्तर प्रदेश के मुरादनगर में हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे की खबर से अत्यंत दुख पहुंचा है। राज्य सरकार राहत और बचाव कार्य में तत्परता से जुटी है। इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’

10 साल पुराना है भवन, रुक रुक कर हो रही बारिश
गाजियाबाद के मुरादनगर में अलसुबह साढ़े तीन बजे से सुबह आठ बजे तक बारिश हुई है। बारिश का सिलसिला रुक रुककर जारी है। बताया जा रहा है कि जो भवन गिरा है, वह 10 साल पुराना है। इसका निर्णाण नगरपालिका ने किया था।