दिल्ली में नए साल के जश्न में फूटे पटाखे, कांग्रेस के सिंघवी का सवाल- दिवाली की तरह बैन क्यों नहीं

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नई दिल्ली
कोरोना के कहर से बेहाल दिल्लीवालों ने पूरे जोश, उमंग और उत्साह के साथ नए साल 2021 का स्वागत (happy new year 2021) किया। संक्रमण के मद्देनजर पाबंदियां लगाई गईं तो लोगों ने छतों पर तंबू गाड़ दिए और फिर आधी रात को 12 बजते ही खूब धूम-धड़ाका हुआ। कहीं लाउड म्यूजिक चला तो कहीं पटाखे फोड़े गए। पूर्वी दिल्ली समेत राजधानी के कुछ इलाकों में माहौल दिवाली सा दिखने लगा था। शायद लोगों की मंशा बीता साल भुलाकर बाहें फैलाकर नए साल का वेलकम करने की थी। हालांकि कांग्रेस पार्टी ने राजधानी में नए साल पर पटाखों पर पाबंदी न लगाए जाने पर सवाल उठाए हैं।

पार्टी के सांसद और प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्वीट कर पूछा कि केंद्र और दिल्ली सरकार ने पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया। उन्होंने लिखा, ‘नए साल के पटाखे दिवाली के पटाखों से इतने अलग हैं। दिवाली की तरह केंद्र और दिल्ली सरकार ने इस पर पूरी तरह बैन क्यों नहीं लगाया, ऐसे लगता है जैसे दिवाली के बाद दिल्ली स्वच्छ हवा का स्वर्ग बन गई हो।’

सिंघवी के यह बात कहते ही ट्विटर पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आने लगीं। एक ट्विटर यूजर ने लिखा पटाखे उद्योग में काम कर रहे कर्मचारियों का क्या होगा? क्या उन्हें भी सरकार को अपनी बात बताने के लिए सड़कों पर जाम लगाना होगा?

एक अन्य यूजर @VilasDholam1 ने लिखा कि एक पढ़े-लिखे अधिवक्ता कैसी बेकार बात कर रहे हैं। नए साल पर पटाखे 5 से 15 मिनट तक ही जलाए जाते हैं भले ही लोग किसी भी धर्म को मानने वाले हों। जबकि दिवाली पर एक धर्म के लोगों द्वारा पटाखे कम से कम 3 दिनों तक फोड़े जाते हैं।

हालांकि कुछ लोगों ने अभिषेक सिंघवी की बातों का समर्थन भी किया। सैकड़ों लोगों ने उनके ट्वीट को लाइक किया है।