कोरोना वायरस का नया स्ट्रेनः कितना खतरनाक और कितना डरने की जरूरत, समझिए

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नई दिल्ली
ब्रिटेन में कोरोना वायरस के बहुत तेजी से फैलने वाले नए स्ट्रेन के पाए जाने के बाद अब वहीं पर वायरस का एक और नया स्ट्रेन सामने आया है। दूसरा नया स्ट्रेन भी बहुत संक्रामक है। ऐसे में भारत समेत दुनियाभर के देशों की चिंता और बढ़ गई है। कोरोना वायरस का यह नया स्ट्रेन कितना घातक है और इससे कितना डरने की जरूरत है, इस संबंध में मेदांता अस्पताल के एमडी डॉक्टर नरेश त्रेहन ने कुछ महत्वपूर्ण बातें कही हैं जिनका हमें ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है
डॉक्टर नरेश त्रेहन ने कहा कि काफी खतरनाक और संक्रामक है। ऐसे में यह बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी तक जो डेटा सामने आया है उसमें यह नहीं बताया गया है कि कितने बच्चे एडमिट किए गए हैं लेकिन फिर बच्चों के संदर्भ में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

सावधानी बरतने वालों में भी बढ़ेंगा खतरा
ने कहा कि चूंकि यह काफी ज्यादा संक्रामक है इसलिए ऐसे लोग जो कोरोना को लेकर सावधानी बरत रहे थे उनमें भी इसका खतरा बढ़ने की संभावना है यानी जो मास्क पहनते हैं या फिर हाथ धोते हैं, उनमें भी खतरा बढ़ने की संभावना है। कुल मिलाकर बात यह है कि अब हमें डबल सेफ्टी करनी होगी।

ज्यादा सतर्कता से नजर रखने की जरूरत
एक निजी चैनल से बातचीत में डॉ. नरेश त्रेहन ने कहा कि पहले मास्क नहीं पहनने और लोगों से मिलने पर भी वायरस से बच जाते थे, लेकिन अब यह खतरनाक हो गया है क्योंकि यह वायरस ज्यादा संक्रामक है और हमारे अंदर प्रवेश कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस वायरस के संदर्भ में हमें और भी सतर्कता से नजर रखने की जरूरत है। हमें बाहर निकलते वक्त ज्यादा अलर्ट रहना होगा।

पैनिक न करें लेकिन गंभीर रहें
डॉ. त्रेहन ने कहा कि हमें भले बार-बार कहते हैं कि पैनिक न करें, ये ठीक है लेकिन हमें गंभीर रहने की जरूरत है। हमें फिक्र करनी होगी कि हमें बिना सावधानी के बाहर नहीं जाना है क्योंकि यह वायरस हमारे जरिए घर के लोगों या बुजुर्गों तक पहुंच सकता है। अगर उन्हें कुछ हो जाता है तो ऐसे में हमें सारी जिंदगी पछताना पड़ेगा कि हमारी लापरवाही की वजह से ऐसा हो गया।

नए स्ट्रेन की खबर से दुनियाभर में ऐहतियात बढ़ा
ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिलने की खबर आते ही दुनियाभर में एहतियात बढ़ गए हैं। भारत उन देशों में शामिल है जहां यूके से आने वाले यात्रियों की हवाई अड्डे पर ही सघन जांच की जा रही है। यात्रियों के लिए इससे भी बड़ी आफत यह है कि एयरपोर्ट अथॉरिटीज के पास कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है कि वो हालात को हैंडल कैसे करें।