कोरोना के नए स्ट्रेन से एयरपोर्ट पर अलर्ट, नए नियमों पर कन्फ्यूजन से यात्री बेहाल

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मुंबईब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिलने की खबर आते ही दुनियाभर में एहतियात बढ़ गए हैं। भारत उन देशों में शामिल है जहां यूके से आने वाले यात्रियों की हवाई अड्डे पर ही सघन जांच की जा रही है। यात्रियों के लिए इससे भी बड़ी आफत यह है कि एयरपोर्ट अथॉरिटीज के पास कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है कि वो हालात को हैंडल कैसे करें।

हवाई अड्डों पर लग रहीं लंबी-लंबी पंक्तियां
देश के बड़े-बड़े हवाई अड्डों पर ब्रिटेन से आ रहे यात्रियों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। कामिनी सारस्वत की फ्लाइट बुधवार को दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरी तो उन्हें क्या पता था कि उन्हें यहां से घर के लिए निकलने में घंटों लग जाएंगे। उन्होंने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि उन्होंने नए निर्देश के मुताबिक पहले ही जांच की बुकिंग करवा ली थी। लेकिन, जांच के लिए उनका नंबर नौ घंटे बाद आया। फिर रिजल्ट आने का इंतजार अलग से। उन्होंने कहा, “यहां चीजें स्पष्ट नहीं है। सोशल डिस्टैंसिंग की तो धज्जियां उड़ रही हैं।”

सारस्वत ने यात्रियों की लंबी कतार का मोबाइल वीडियो भी रॉयटर्स से शेयर किया। उस वीडियो में यह भी दिख रहा है कि कैसे यात्रियों का झुंड जांच के लिए निर्धारित डेस्क के पास जमा हुआ है और जल्दी से जल्दी जांच करवाने को बेताब है।

घंटों इंतजार के बाद एयरपोर्ट से निकल पा रहे यात्री
उधर, कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र की सरकार ने यूके ही नहीं, यूरोप के अन्य देशों के साथ-साथ मध्य पूर्व से आ रहे ज्यादातर यात्रियों के लिए भी एक हफ्ते का क्वारंटीन पीरियड तय कर दिया है। यूरोप और मध्य पूर्व के कई देशों ने अपने यहां ब्रिटेन की उड़ानें रोक दी हैं, लेकिन भारत आ रहे उनके जहाज ब्रिटेन में स्टॉपेज के बाद उड़ान भर रहे हैं।

दुबई से बुधवार सुबह 2 बजे मुंबई पहुंचे गौरव नाइक ने कहा कि उन्हें और उनके पारिवारिक सदस्यों को छह घंटे इंतजार के बाद क्वांरेंटीन फसिलिटी में भेजा गया। वो सभी एक स्कूल में बने क्वांरेटीन सेंटर में हैं। उन्होंने वहीं से बताया, “वहां (हवाई अड्डे पर) हंगामा बरपा था।” उन्होंने कहा, “किसी को कुछ पता ही नहीं। स्टाफ के बीच कोई तालमेल नहीं है।”

यात्रियों की मुश्किलों पर चारों तरफ चुप्पी
दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट के अधिकारियों ने इस विषय पर कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। दोनों शहरों की लोकल अथॉरिटीज और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी रॉयटर्स के सवालों पर कुछ नहीं कहा। हालांकि, केंद्र सरकार के अन्य अधिकारियों ने अतिरिक्त जांच के लिए स्टाफ की व्यवस्था का ब्योरा देते हुए कहा कि जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

देश में 25 नवंबर से ब्रिटेन से आ रहे यात्रियों की बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग करने की योजना है। इमिग्रेशन ऑफिसरों को जिम्मेदारी दी गई है कि वो 25 नवंबर से ब्रिटेन से आ रहे हरेक यात्री की विस्तृत जानकारी मुहैया कराए। यात्रियों के डीटेल्स संबंधित राज्यों से साझा किए जाएंगे और फिर वो जिले के अधिकारियों के पास जाएंगे।

54 वर्षीय एक ब्रिटिश नागरिक ने बताया कि वो सोमवार को मुंबई एयरपोर्ट पर उतरे थे, लेकिन अब तक ना उन्हें टेस्ट रिजल्ट मिला और न ही फॉलो अप कॉल ही आई। उन्होंने कहा, “इरादे बहुत अच्छे हो सकते हैं, लेकिन यह किसी प्रताड़ना से कम नहीं।”