Covid-19: फ्लाइटें रुकीं, खलबली मची, फिर लॉकडाउन की ओर बढ़ रही दुनिया?

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नई दिल्ली
साल 2019 के आखिरी दिनों में कोरोना वायरस नाम की बीमारी का जिक्र हुआ था। दुनियाभर के तमाम देशों में कुछ केस आने शुरू हुए थे मगर भारत में तब इसको लेकर कोई खतरा नहीं लग रहा था। 30 जनवरी 2020 को केरल से पहला मामला सामने आया था। चीन के वुहान शहर से लौटे एक छात्र की तबीयत बिगड़ने के बाद पता चला की वो कोविड-19 पॉजिटिव है। इसके बाद भारत में लगातार केस बढ़ते गए। पहले फ्लाइटों पर रोक लगी और आखिर में सरकार को मार्च 24 को लॉकडाउन का ऐलान करना पड़ा था। अब साल के आखिर में एक बार फिर वैसे ही हालात बनते दिख रहे हैं, जो शुरुआत में थे। तब चीन होकर आने-जाने वाली फ्लाइटों पर प्रतिबंध की शुरुआत हुई थी, अब उसकी जगह ब्रिटेन है। अब ब्रिटेन में जिस तरह से कोरोना वायरस के नए रूप के पता चला है लग रहा है कि हम उसी दौर की ओर जा रहे हैं जैसा कोरोना के शुरुआती दिनों में था। यह भी आशंका बढ़ रही है कि क्या दुनिया एक बार फिर लॉकडाउन की तरफ बढ़ रही है या बात महज अतिरिक्त सतर्कता की है।

30 जनवरी को आया था पहला मामलाहिंदुस्तान में लोग जश्न की तैयारी में थे। जश्न था नए साल 2020 के आगमन का। हर कोई साल 2020 के ग्रांड वेलकम को लेकर अपने परिवार से लेकर दोस्तों तक प्लानिंग करने में जुटे थे। साल 2020 आया भी और लोगों ने जश्न के साथ इसका इस्तकबाल भी किया। इसके बाद इस साल ने ऐसा सितम ढाया कि लोग अब 2021 के आगमन से ज्यादा 2020 की विदाई को लेकर तैयारियां कर रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच अभी माहौल फिर वैसा ही बन रहा है जैसा कि मार्च में बन गया था।

3 मार्च से लगने लगीं थीं पाबंदियां3 मार्च को उत्तर प्रदेश के नोएडा और आगरा में कोरोना वायरस से जुड़े कुछ केस सामने आए थे। जिसके बाद राज्य से केंद्र सरकार तक हर कोई अलर्ट पर आ गया था। ऐसे में विदेश से भारत आने वाले लोगों की जांच की जा रही है। भारत ने कई देशों के लिए 3 मार्च से पहले जारी किए गए वीजा को रद्द कर दिया था। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी अपडेट के मुताबिक इटली, ईरान, साउथ कोरिया और जापान से आने वाले यात्रियों को जो वीजा या ई-वीजा जारी किया गया था, उसे रद्द कर दिया गया। 3 मार्च के बाद इन देशों के किसी नागरिक को भारत का वीजा नहीं दिए जाने का फैसला हुआ। इसके अलावा भारतीय नागरिकों को भी इन देशों में जाने से मना किया गया।

ब्रिटेन ने बढ़ाई पूरी दुनिया में टेंशनतब शुरुआत वैसी ही थी जैसी कि हम अभी देख रहे हैं। अभी ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए रूप का पता चला है। ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन (Coronavirus New Strain in UK) मिलने के बाद भारत में भी हड़कंप मचा हुआ है। इसके साथ ही बुधवार से भारत ने यूके से आने वाली सभी उड़ानों को 31 दिसंबर तक के लिए रद्द कर दिया है। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री (Civil Aviation Ministry Latest News) ने सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस का एक नया प्रकार मिलने के बाद यह अहम फैसला लिया गया है।

महाराष्ट्र में नाइट कर्फ्यूउधर, महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने राज्य म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एरिया में 22 दिसंबर से 5 जनवरी तक रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू (Night Curfew) लगाने का फैसला लिया है। कोरोना वायरस के इस नए स्ट्रेन को देखते हुए जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि जो यात्री यूके से मंगलवार रात तक आते हैं उनका एयरपोर्ट पर ही कोरोना टेस्ट (Corona Test) किया जाए। इस नए वायरस को देखते हुए कनाडा, तुर्की, बेल्जियम, इटली और इजरायल ने यूके से आने वाली सभी उड़ानों को रोक दिया है। यूरोप से जो लोग भी महाराष्ट्र आ रहे हैं उन्हें 14 दिनों तक के लिए इंस्टिट्यूशनल क्वारंटीन (Institutional Quarantine) में भेजा जाएगा ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।

वैज्ञानिकों का क्या कहना हैवायरस का नया स्ट्रेन- वैज्ञानिकों ने इसे नया नाम VUI-202012/01 दिया है। खुद ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने आशंका जताई है कि वायरस का नया स्ट्रेन 70 प्रतिशत ज्यादा खतरनाक हो सकता है। हालांकि, अभी तक वैसे अभी तक वायरस की नई सीक्वेंसिंग हुई नहीं है और एक्सपर्ट इसे समझने की कोशिश ही कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो किसी भी वायरस में लगातार म्यूटेशन होता रहता है। ज्यादातर वेरिएंट खुद ही म्यूटेट होने के बाद मर जाते हैं, लेकिन कभी-कभी वायरस म्यूटेट होने के बाद पहले से कई गुना ज्यादा मजबूत और खतरनाक होकर सामने आता है।

क्लिनिकल वायरोलॉजिस्ट डॉ जूलियन टैंगलीसेस्टर यूनिवर्सिटी में क्लिनिकल वायरोलॉजिस्ट डॉ जूलियन टैंग का कहना है, ‘यह वायरस के लिए काफी सामान्य है – जैसे इन्फ्लूएंजा – जहां विभिन्न वायरस एक ही व्यक्ति को संक्रमित कर सकते हैं, जिससे हाइब्रिड वायरस उभर सकता है। यह केवल उन तरीकों में से एक है, जो प्राकृतिक वायरल विभिन्नता उत्पन्न करते हैं।’ हालांकि वायरस के व्यवहार में कोई भी परिवर्तन किसी भी वायरस में प्रकृति और उत्परिवर्तन की सीमा पर निर्भर करता है, जिसमें Covid-19 भी शामिल है.

ऐसा कोई साक्ष्य मौजूद नहीं- डॉ. विवेक मूर्तिभारतीय मूल के अमेरिकी डॉक्टर विवेक मूर्ति ने कहा है कि ऐसा कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है जिससे यह सिद्ध हो सके कि यह नया और अधिक संक्रामक रूप ज्यादा घातक है। गौरतलब है कि नव निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 43 वर्षीय मूर्ति को सर्जन जनरल पद के लिए चुना है। कहा कि यह मानने का कोई कारण उपलब्ध नहीं है कि विकसित किये जा चुके कोरोना वायरस के टीके वायरस के नए प्रकार पर प्रभावी नहीं होंगे। उन्होंने कहा, ‘ब्रिटेन से जो खबर आ रही है उसके मुताबिक वायरस का एक नया स्ट्रेन (प्रकार) पाया गया है जो कि उस वायरस से अधिक संक्रामक है जो हमने पहले देखा है।’ मूर्ति ने रविवार को एनबीसी न्यूज से कहा, ‘हालांकि ऐसा प्रतीत होता है कि यह अधिक संक्रामक है, लेकिन हमारे पास अभी तक ऐसे साक्ष्य मौजूद नहीं हैं जिनसे यह सिद्ध किया जा सके कि यह संक्रमण के शिकार व्यक्ति के लिए अधिक घातक है।’