भारत में कोरोना वैक्सीन स्टोरेज की तैयारी शुरू, मार्च तक गुजरात में बन जाएगा प्लांट

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नई दिल्ली
देश में कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने का काम जोर-शोर से जारी है। केंद्र सरकार हर भारतीयों को वैक्सीन देने की रणनीति पर काम कर रही है। वैक्सीन के स्टोरेज, उसके लिए जरूरी कोल्ड चेन समेत हर छोटी-बड़ी चीज पर सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय की नजर है। इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। लक्जमबर्ग की बी मेडिकल सिस्टम कंपनी भारत में कोरोना वैक्सीन की स्टोरेज के लिए कोल्ड चेन फैसिलिटी का निर्माण करेगी। कंपनी के CEO एल प्रोवोस्ट ने कहा है कि देश में अगले साल मार्च महीने तक कोल्ड स्टोरेज केंद्र स्थापित कर लिए जाएंगे। इसका प्लांट गुजरात में लगाने की योजना बनाई जा रही है।

बता दें कि कंपनी के CEO भारत दौरे पर हैं। उन्होंने कहा, ‘लक्जमबर्ग से भारत में कोल्ड चेन फैसिलिटी की सुविधा के लिए टेक्नोलॉजी स्थानांतरित करने के लिए यह दौरा किया गया है। गुजरात उन राज्यों में से एक है जहां हम इसके लिए प्लांट लगाने के लिए साइट की खोज कर रहे हैं।’

वहीं, कंपनी के डिप्टी सीइओ जे दोशी ने कहा, ‘हम भारत में इसका (कोल्ड चेन फैसिलिटी) निर्माण करेंगे और हमारा लक्ष्य मार्च 2021 तक एक विनिर्माण इकाई शुरू करना है। इसके लिए तेलंगाना और महाराष्ट्र राज्य हमारे साथ संपर्क में हैं।’

‘दोनों देशों के बीच आर्थिक आदान-प्रदान बढ़ाने की बहुत क्षमता है’
बीते 19 नवंबर को भारत और लक्जमबर्ग के बीच हुई शिखर बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि दोनों देशों के बीच आर्थिक आदान-प्रदान बढ़ाने की बहुत क्षमता है। प्रधानमंत्री ने दुनिया के इस तीसरे सबसे बड़े विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) देश से वित्तीय और डिजिटल तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया था।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा था लोकतंत्र, कानून का राज और स्वतंत्रता जैसे साझा आदर्शों ने दोनों देशों के संबंधों और आपसी सहयोग को मजबूती दी है। उन्होंने लक्जमबर्ग के प्रधानमंत्री जेवियर बेटेल से बातचीत के दौरान कहा, ‘आज जब विश्व कोविड-19 महामारी की आर्थिक और स्वास्थ्य चुनौतियों से जूझ रहा है, भारत-लक्जमबर्ग के बीच सहयोग दोनों देशों के साथ-साथ दोनों क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति सुधारने में उपयोगी हो सकता है।’