‘भारत बंद’ से पहले किसानों के एक समूह ने किया कृषि कानूनों का समर्थन, कृषि मंत्री से मिलकर कहा- वापस नहीं लें

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नई दिल्ली
नए कृषि कानून पर आंदोलनरत किसान और सरकार के बीच अभी तक बीच का रास्ता नहीं निकला है। मंगलवार को किसानों ने बुलाया है। उसी बीच किसानों के कुछ समूहों ने इस लॉ का समर्थन किया है। 20 किसानों के एक समूह ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात कर तीनों नए कानून पर अपना समर्थन किया है। उन्होंने तोमर से कहा कि तीनों नए कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाए।

नए कृषि कानून को समर्थनएक तरफ तो नए किसान कानून के विरोध में पूरे देश में किसान सड़कों पर उतर आए हैं। इन किसानों दिल्ली आने वाली सभी सीमाओं पर डेरा जमा दिया है। सरकार की हालत भी खराब हो चुकी है। सरकार और आंदोलनरत किसानों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई बीच का रास्ता नहीं निकल पाया है। अब हरियाणा के किसानों के एक समूह ने कृषि मंत्री से बात की है और नए कानून का समर्थन किया है।

आंदोलनकारी किसानों पर तंजकृषि मंत्री से मुलाकात के बाद प्रोग्रेसिव फार्मर क्लब सोनीपत के अध्यक्ष कंवल सिंह चौहान ने कहा कि जो किसान आंदोलन कर रहे हैं उनको गुमराह किया गया है। पीएम ने बार-बार भरोसा दिया है कि एमएसपी और मंडी सिस्टम जस का तस रहेगा। उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री से आग्रह किया कि भले ही आंदोलनकारी किसानों की उचित मांगों के अनुसार कृषि कानूनों में संशोधन कर दिया जाए, लेकिन इन्हें वापस नहीं लिया जाए।

सरकार के लिए राहत
गौरतलब है कि मंगलवार 8 दिसंबर को आंदोलनरत किसानों ने भारत बंद बुलाया है। इसका विभिन्न क्षेत्रों के कई संगठनों और विपक्ष की लगभग सभी राजनीतिक पार्टियों ने समर्थन भी किया है। इसके मद्देनजर हरियाणा के कुछ किसान संगठनों का कृषि कानूनों के समर्थन में खुलकर सामने आना सरकार के लिए वाकई एक बड़ी राहत की बात है।