चिल्ला बॉर्डर पर जमे किसान, नोएडा से जा रहे हैं दिल्ली तो करें इन रास्तों का इस्तेमाल

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नोएडा
कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों का प्रदर्शन () लगातार जोर पकड़ता जा रहा है। सैकड़ों की संख्या में किसानों ने नोएडा-दिल्ली के चिल्ला बॉर्डर (Chilla Border) पर धरना प्रदर्शन तेज कर दिया है। किसान यहां मुख्य मार्ग पर ही धरने पर बैठे हुए हैं। मंगलवार शाम से ही उन्होंने पहले दिल्ली-नोएडा मार्ग (Delhi Noida Route), फिर नोएडा से दिल्ली जाने वाले दोनों ही ओर के रास्ते को बाधित कर दिया है। इनकी मांग दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देने की है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस उन्हें जाने नहीं देगी तो वो सड़क पर ही धरना देंगे। चिल्ला बॉर्डर पर किसानों के जुटने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। खास तौर बुधवार को नोएडा से दिल्ली और दिल्ली से नोएडा आने-जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

दिल्ली-नोएडा आने जाने के लिए करें इन रास्तों का इस्तेमाल
किसानों के प्रदर्शन के चलते नोएडा लिंक रोड पर चिल्ला बॉर्डर को ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया है। लोगों को नोएडा-दिल्ली लिंक रोड से बचने की सलाह दी गई है। ऐसे में जो भी लोग इस रास्ते से होकर दिल्ली या नोएडा आते-जाते हैं वो बुधवार को इसका इस्तेमाल नहीं करें। इसकी जगह पर एनएच-24 और डीएनडी या फिर कोई और वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस बीच दिल्ली नोएडा ट्रैफिक पुलिस की ओर से हेल्पलाइन नंबर 9971009001 भी जारी किया गया है।

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चिल्ला बॉर्डर बंद होने से लोगों की बढ़ी परेशानी
चिल्ला बॉर्डर पर जाम से मंगलवार को भी बड़ी संख्या लोग में प्रभावित हुए। इस जगह से होकर प्रतिदिन लाखों की संख्या में लोग नोएडा में नौकरी करने आते-जाते हैं। चिल्ला बॉर्डर सीधे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे और आगरा एक्सप्रेस-वे को भी जोड़ता है। यह बॉर्डर वाया गोलचक्कर डीएससी रोड को जोड़ता है। मंगलवार को शाम को दिल्ली और नोएडा में करीब पांच किलोमीटर का लंबा जाम लगा। मार्ग परिवर्तन के बाद भी हालात काफी देर गंभीर ही बने रहे।

‘जब तक जंतर-मंतर पर जाने की इजाजत नहीं, रास्ता नहीं छोड़ेंगे’भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में मंगलवार शाम को ही अलीगढ़, हाथरस, आगरा और गौतमबुद्ध नगर जिले के सैकड़ों किसान नोएडा में चिल्ला बॉर्डर पहुंच गए। शाम करीब साढ़े चार बजे किसानों ने चिल्ला बॉर्डर पर धरना देना शुरू किया और यातायात जाम कर दिया। वे मुख्य मार्ग पर अपने ट्रैक्टर ट्रॉली खड़े कर धरना दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक जंतर मंतर पर जाने की इजाजत नहीं मिलेगी, वे रास्ता नहीं छोड़ेंगे।

पुलिस अधिकारियों ने की मनाने की कोशिश लेकिन…
दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने उन्हें राजधानी में घुसने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की है। पुलिस का कहना है कि अगर किसान बुराड़ी में संत निरंकारी मैदान जाना चाहते हैं तो कोई नहीं रोकेगा, लेकिन जंतर-मंतर नहीं जाने दिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसानों ने चिल्ला बॉर्डर पर डेरा डाल रखा है। लगातार किसानों को समझाने का प्रयास किया जा रहा, लेकिन किसान मानने को तैयार नहीं हैं। किसान ट्रैक्टर ट्रॉली में 30 दिन का राशन लेकर पहुंचे हैं। ट्रैक्टरों में सोने की व्यवस्था है।

किसान यूनियन के साथ सरकार की वार्ता में नहीं बनी बातइससे पहले मंगलवार को सरकार ने कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के प्रतिनिधियों के साथ बात की। बैठक भले बेनतीजा रही लेकिन दोनों ही पक्षों ने इसे सकारात्मक बताया है। किसान नेताओं ने समिति बनाने के सरकार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। सरकार ने भारतीय किसान यूनियन के नेताओं से भी अलग से बात की। सरकार ने किसानों से बुधवार तक कानूनों पर क्लॉज दर क्लॉज लिखित में आपत्तियां देने को कहा है। यानी कानून के किन खास हिस्सों, किन खास प्रावधानों पर को आपत्ति है, उन्हें स्पष्ट तौर पर लिखकर दें। गुरुवार को दोपहर 12 बजे होने वाली चौथे दौर की बातचीत में इस पर चर्चा होगी।