उत्तर भारत में इसबार पड़ेगी कड़ाके की ठंड, फरवरी तक के लिए हो जाएं सावधान!

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नई दिल्ली
अगर अभीतक आपने अपनी मोटी रजाई और कंबल बाहर नहीं निकाली है तो निकाल लीजिए। क्योंकि अगर भारतीय मौसम विभाग (IMD) की माने तो दिसंबर से फरवरी तक ठंड सामान्य (Weather News in India Updates) से ज्यादा रहने वाली है। IMD के अनुसार, उत्तर, उत्तरपश्चिम और मध्य भारत के अलावा पूर्वी भारत में आने वाले समय में ठंड ज्यादा पड़ने की संभावना है। यानी इसबार हाड़ कंपा देने वाली ठंड की तैयारी कर लीजिए।

दिसंबर से फरवरी में पड़ेगी कड़ाके की ठंड!
मौसम विभाग ने कहा है कि दिसंबर से फरवरी तक के महीने में इस बार सुबह और रात में ठंड सामान्य से ज्यादा पड़ेगी जबकि दिन के तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है। IMD ने तीन महीने के लिए जारी पूर्वानुमान में बताया है कि उत्तरपूर्व भारत और दक्षिण के कुछ तटीय इलाके में इस दौरान सामान्य से ज्यादा तापमान रह सकता है। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा (Mrutyunjay Mohapatra) ने बताया कि आने वाले समय उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है। इसके अलावा कई इलाकों में शीतलहर भी चल सकती है।

हालांकि, दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के कई इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम हो सकता है। यानी यहां दिन के समय में उतनी गर्मी नहीं होगी। महापात्रा ने बताया कि इसबार सर्दियों के अंत तक यही स्थिति देखने को मिल सकती है।

दिल्ली में 10 सालों में सबसे ठंडा नवंबर
नवंबर के महीने में राजधानी दिल्ली (Weather News in Delhi) पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा ठंडी रही। इस दौरान राजधानी का न्यूनतम तापमान करीब 10 डिग्री के आसपास ही रहा। उत्तरपश्चिम से आने वाली ठंडी हवाएं राजधानीवासियों को कड़ाके की ठंड का अहसास करा रही है। 29 नवंबर तक दिल्ली का औसत न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री रहा है।

ला नीना के कारण पड़ेगी हाड़ कंपा देने वाली ठंड!
इंडोनेशिया और आसपास के देशों में ला नीना (La Nina Effect) के असर से इस बार बारिश औसत से अधिक हुई। जिसका असर नवंबर में देखने को मिलेगा। और दिसंबर में कोल्ड डे और सीवियर कोल्ड डे रहने वाले है। IMD महानिदेशक महापात्रा ने एक वेबिनार में कहा था कि यह नहीं समझना चाहिए कि जलवायु परिवर्तन से तापमान में बढ़ोतरी होती है। सच्‍चाई यह है कि तापमान में बढ़ोतरी की वजह से मौसम अनियमित हो जाता है। उन्होंने कहा था कि शीत लहर की स्थिति के लिए ला नीना अनुकूल होता है

समझिए क्या होता है ला नीना
ला नीना के तहत समुद्र में पानी ठंडा होना शुरू हो जाता है। समुद्री पानी पहले से ही ठंडा होता है, लेकिन इसके कारण उसमें ठंडक बढ़ती है जिसका असर हवाओं पर पड़ता है।