घाटी में नहीं पहुंच पा रहा आतंक का सामान, तो पाकिस्तानी आकाओं ने ढूंढा नया रास्ता

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नई दिल्ली
जम्मू-कश्मीर में पिछले हफ्ते सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों की पुलवामा दोहराने की नापाक कोशिश को तब नाकाम किया था जब नगरोटा में 4 पाकिस्तानी आतंकियों को उसी ट्रक में उड़ा दिया था जिसमें वे छिपे हुए थे। यह सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी थी। आतंकी और पाकिस्तान में बैठे उनके आका लगातार भारत को दहलाने की कोशिश में हैं लेकिन सुरक्षा बलों की सतर्कता से उनके नापाक मंसूबे पूरे नहीं हो रहे। अब पता चला है कि नगरोटा में मुठभेड़ शुरू होने से ठीक पहले पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के आका ने उन्हें संदेश भेजा था कि उन तक जरूरी ‘सामानों’ की सप्लाई भेजने में दिक्कत हो रही है। जरूरी सामान यानी विस्फोटक और हथियार।

जैश सरगना मसूद अजहर का भाई दे रहा था आतंकियों को निर्देश
नगरोटा में मारे गए चारों पाकिस्तानी आतंकियों का आका कोई और नहीं बल्कि जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर का छोटा भाई मुफ्ती असगर रऊफ है। जैश में उसकी हैसियत नंबर दो की है और अभी वही उसे चला रहा है क्योंकि मसूद अजहर बीमार है। 19 नवंबर को नगरोटा में मुठभेड़ शुरू होने से कुछ देर पहले ही असगर रऊफ ने जैश के ऑपरेटिव्स को संदेश भेजा था कि उनके पास तक हथियारों और विस्फोटकों तक पहुंचाने में दिक्कत हो रही है। नगरोटा में मारे गए चारों पाकिस्तानी आतंकी बहावलपुर के थे। रऊफ की ही देखरेख में चारों ने भारत में घुसपैठ की और किसी बड़े आतंकी हमले से दहलाने की तैयारी कर रहे थे।

भारत में बड़े आतंकी हमले कराने की फिराक में पाक सेना और आईएसआई!
इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स के मुताबिक अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद जैश-ए-मोहम्मद काफी ऐक्टिव हो गया है। वह जम्मू-कश्मीर में बड़ी आतंकी वारदातों को अंजाम देने की साजिश रच रहा है। नगरोटा में मारे गए चारों आतंकियों की घुसपैठ भी इसी नापाक मंसूबे के लिए थी। जैश के अलावा लश्कर-ए-तैयबा भी पोओके के मुजफ्फराबाद में आतंकियों को इकट्ठा कर रहा है। हिज्बुल मुजाहिदीन के भी करीब 400 आतंकी खैबर पख्तूनख्वा के ओघी इलाके में स्थित जंगलों में ट्रेनिंग ले रहे हैं। दरअसल पाकिस्तानी सेना जब भी दबाव में होती है तब भारत में किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश रचने लगती है। अभी पाक सेना की कठपुतली इमरान सरकार को विपक्षी दलों के बड़े विरोध-प्रदर्शनों का सामना करना पड़ रहा है। इंटेलिजेंस अधिकारियों को शक है कि पाक सेना और आईएसआई भारत में आतंकी हमले कराने की फिराक में है ताकि घरेलू दबाव से निपटा जा सके और कश्मीर को फोकस में लाया जा सके।

सुरक्षा बलों की मुस्तैदी से नाकाम हुए नापाक मंसूबे
नगरोटा में मारे गए चारों पाकिस्तानी आतंकी किसी बड़े हमले के फिराक में थे। घुसपैठ के बाद 19 नवंबर को चारों पाकिस्तानी आतंकी हथियारों समेत एक ट्रक में छिपकर सफर कर रहे थे। नगरोटा में बन टोल प्लाजा के पास सुरक्षा बलों ने ट्रक को रोक दिया और आतंकियों को सरेंडर करने के लिए कहा लेकिन वे नहीं माने। आखिरकार सुरक्षा बलों ने ट्रक को ही उड़ा दिया था। आतंकियों के पास से 11 एके-47 राइफल, 3 पिस्टल, 29 हैंड ग्रेनेड और एक ग्रेनेड लॉन्चर में लोड 6 ग्रेनेड बरामद किए। बाद में बीएसएफ ने उस सुरंग का भी पता लगाया जिससे होकर आतंकियों ने घुसपैठ की थी। यह सुरंग करीब 200 मीटर लंबी थी।

जम्मू-कश्मीर में कड़ी सुरक्षा, अब बांग्लादेश के जरिए भी घुसपैठ के रास्ते तलाश रहे आतंकी
इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स के मुताबिक सुरक्षा बलों की मुस्तैदी से आतंकवादियों के लिए घुसपैठ और बाद में एक जगह से दूसरे जगह जाने में मुश्किलें हो रही हैं। इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि आतंकी संगठन अल बद्र अब बांग्लादेश के जरिए आतंकियों की घुसपैठ कराने के रास्ते तलाशने में जुटा है।