कोरोना: UP की शादियों में मेहमानों की ‘छंटनी’, बाराती-घराती बोले, सरकार के आदेश से धर्मसंकट

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लखनऊ
दिल्ली के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी कोरोना वायरस के एक्टिव केस दिनोंदिन बढ़ते जा रहे हैं। यूपी सरकार ने कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते शादी और अन्‍य धार्मिक-पारिवारिक समारोहों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। इसमें सिर्फ 100 मेहमानों को शादियों में आने की इजाजत दी गई है। पहले यह संख्‍या 200 थी जिसे घटाकर आधी कर दी गई है। साथ ही कोरोना से जुड़े अन्‍य प्रोटोकॉल के पालन भी जोर दिया गया है। योगी सरकार के इस नए आदेश से उन घरों के लोग बेहद परेशान हैं जहां पर हाल फिलहाल शादियां होनी हैं। उनका कहना है कि निमंत्रण कार्ड बांटे जा चुके हैं, अब किनको-किनको शादी में आने से मना करें, इसे लेकर वे धर्मसंकट में फंस गए हैं। इसके अलावा ज्‍यादा मेहमानों के हिसाब से शादी में खाने-पीने और गेस्‍ट हाउस वगैरह की बुकिंग कर चुके हैं। अब उनका एडवांस पेमेंट भी पानी में चला गया है।

कानपुर की आवास विकास कॉलोनी कल्याणपुर में रहने वाले हरपाल सिंह की बेटी आकांक्षा की शादी 27 नवंबर है। परिवार ने क्लब हॉउस को बुक किया है। हरपाल ने बेटी के शादी के लिए 300 कार्ड छपवाए थे। सारे कार्ड रिश्तेदारों को बांटे जा चुके है। इसके साथ ही बैंड और डीजे वालों को आधे से अधिक पैसे का पेमेंट किया जा चुका है। परेशान हरपाल सिंह का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार की नई एडवाइजरी के बाद गेस्ट हॉउस वालों ने भी सख्त रवैया अपना लिया है। डीजे और बैंड वाले भी पेमेंट देने वापस करने में आनाकानी कर रहे हैं। हरपाल ने ब‍ताया कि बरतियों और लड़की पक्ष को मिलाकर हमने 500 प्लेटों की व्यवस्था की थी। नया फरमान आने के बाद कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है कि कैसे स्थिति को संभालें।

बैंड-बाजे वाले पैसे लौटाएंगे क्‍या?
इसी तरह, प्रयागराज में सुलेमसराय के सैनिक कॉलोनी में रहने वाले आशीष राय के छोटे भाई की शादी 11 दिसंबर को है। आशीष ने बताया कि अब किस मुंह से रिश्‍तेदारों को शादी में आने से मना करें। आशीष के मुताबिक, उन्‍होंने 50 हजार रुपये में एक बैंड किया था, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि क्या बैंड वालों को शादी समारोह में शामिल होने की अनुमति है या नहीं। हमने उसे 10 हजार रुपये एडवांस दिए हैं, अब यह सोच रहे हैं कि क्या यह पैसे वापस मिलेंगे या नहीं? वहीं, प्रीतम नगर कॉलोनी के रहने वाले रिषभ यादव की शादी 1 दिसंबर को है। सारी तैयारियां हो चुकी हैं। तकरीबन 500 लोगों को न्योता भी दे दिया गया है, लेकिन गाइडलाइन जारी होने से इनके परिवार में भी मायूसी छा गई है। रिषभ का कहना है कि हमारा परिवार काफी लंबा-चौड़ा है। सिर्फ परिवार के ही 100 से ज्‍यादा सदस्‍य हो रहे हैं, ऐसे में वे बगैर रिश्‍तेदारों को आमंत्रित किए शादी कैसे करें?

इकलौते बेटे की शादी के अरमानों पर पानी
धर्मनगरी बनारस में भी यही हाल है। योगी सरकार के इस सख्त रुख के बाद यहां होने वाली शादियों में खलल पड़ गई है। सोनारपुरा के रहने वाले वर्मा परिवार को अब ये डर सता रहा है कि 1 दिसंबर को होने वाली शादी समारोह में क्या होगा। वर्मा परिवार के मुखिया डॉ एके वर्मा ने अपने इकलौते बेटे की शादी के लिए खास इंतजाम किया था। शादी में टेंट से लेकर साजसज्जा के लिए एडवांस पैसे दे चुके हैं, लेकिन अब योगी सरकार के फरमान ने सब पर पानी फेर दिया।

अलीगढ़ में शादी की अनुमति लेने को जुट रही भीड़
अलीगढ़ में भी लोग सरकार के इस रवैये से काफी नाराज हैं। यहां के प्रशासनिक कार्यालय पर शादी समारोह आयोजित करने वाले लोगों की अनुमति के लिए भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। जल्दी से जल्दी हर कोई अनुमति लेना चाहता है। कलेक्ट्रेट में अनुमति लेने आये भानु प्रताप सिंह ने बताया कि हम परमिशन लेने आए हैं और यहां काफी दिक्कत हो रही है। पहले 200 आदमियों की परमिशन थी और हमने कार्ड बंटवा दिए हैं। अब किसको मना करेंगे और इससे लोग नाराज होंगे। हमने अपनी समस्या अधिकारियों को बताई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल रहा। हमने पहले ही 200 से ज्यादा बरातियों के खाने का आर्डर दे दिया है। अब हमारे पैसे खराब हो जाएंगे। वहीं, मनी यादव ने बताया कि शादी की अनुमति के लिए काफी देर से हम लोग यहां खड़े हुए हैं।