SC के खिलाफ कुणाल कामरा के ट्वीट पर अब तक ऐक्शन क्यों नहीं, ट्विटर से गंभीर सवाल

0
11

नई दिल्ली
डेटा प्रोटेक्शन के लिए संसद की एक जॉइंट कमिटी ने गुरुवार को ट्विटर से पूछा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ कमीडियन की टिप्पणी को लेकर क्यों अबतक कोई कार्रवाई नहीं की गई। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद और कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने ट्विटर के पॉलिसी हेड से यह पूछताछ की।

इस पर कुणाल कामरा ने ट्वीट किया, ‘व्यक्तिगत आजादी कॉर्पोरेट भारत में प्रचार की तरह है।’ वहीं, ट्विटर ने इस पर जवाब दिया कि जब तक कोर्ट की ओर से कोई ऐसा आदेश नहीं आता है तबतक इस पोस्ट को नहीं हटाया जा सकता है।

कुणाल कामरा ने लिखा था खुला खत
मीनाक्षी लेखी ने कहा, ‘हमने सात दिनों में इसका जवाब मांगा है। क्या भारत में इसे लेकर कोई कानून ही नहीं है। हम इस तरह की सेवाएं उपलब्ध कराने वालों के टॉप एग्जिक्युटिव्स से बात करेंगे।’ कुणाल कामरा ने इससे पहले के जजों और अटॉर्नी जनरल के नाम ट्विटर पर एक खुला खत लिखा था। इस खत के जरिए कामरा ने अपना गुस्सा जाहिर किया था।

माफी मांगने से कर दिया था इनकार
सुप्रीम कोर्ट की कथित अवमानना को लेकर कमीडियन कुणाल कामरा ने माफी मांगने से इनकार कर दिया था। कामरा के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने मंजूरी दी थी। कमीडियन ने सुप्रीम कोर्ट के जजों और वेणुगोपाल के नाम एक चिट्ठी लिखी। कामरा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्‍होंने जो भी ट्वीट्स किए, वह सुप्रीम कोर्ट के ‘प्राइम टाइम लाउडस्‍पीकर (अर्णब गोस्‍वामी) के पक्ष में दिए गए भेदभावपूर्ण फैसले पर मेरी राय थी।’ उन्‍होंने कहा कि न तो वे माफी मांगेगे, न ही वकील करेंगे। उन्‍होंने कहा कि उन्‍होंने ‘सुप्रीम कोर्ट जजों और देश के सबसे बड़े कानूनी अधिकारी जैसी ऑडियंस मिली है, वो शायद सबसे वीआईपी है।’