भारत बायोटेक की वैक्सीन का ट्रायल फाइनल स्टेज में, पढ़िए कौन-कौन सी देसी वैक्सीन से देश को उम्मीदें

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हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक इंटरनैशनल लिमिटेड की कोरोना वैक्सीन फेज-3 ट्रायल में है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर कृष्णा एल्ला ने सोमवार को बताया कि कोवाक्सिन का फेज-3 ट्रायल चल रहा है।
कोरोना वायरस महामारी के बीच देसी वैक्सीन के मोर्चे पर सुकून वाली खबर है। भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन ‘कोवाक्सिन’ ट्रायल के फाइनल स्टेज में है। इस वैक्सीन कैंडिडिट के दो चरणों के ट्रायल सफल रहे हैं और फिलहाल तीसरे फेज का ट्रायल जारी है।
हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक इंटरनैशनल लिमिटेड की कोरोना वैक्सीन फेज-3 ट्रायल में है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर कृष्णा एल्ला ने सोमवार को बताया कि कोवाक्सिन का फेज-3 ट्रायल चल रहा है।
ICMR और NIV के साथ पार्टनरशिप में बन रही कोवाक्सिन
भारत बायोटेक ने कोरोना वैक्सीन ‘कोवाक्सिन’ को बनाने के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के साथ पार्टनरशिप की है। इंडियन स्कूल ऑफ बिजनस की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शिरकत करते हुए एल्ला ने बताया कि भारत बायोटेक के चेयरमैन एल्ला ने बताया फेज-1 और फेज-2 के ट्रायल्स कामयाबी के साथ पूरे हो चुके हैं।
26000 लोगों पर हो रहा फेज-3 ट्रायलसूत्रों के मुताबिक, भारत बायोटेक ने पिछले महीने 2 अक्टूबर को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) से तीसरे फेज के ट्रायल की अनुमति मांगी थी। कोवाक्सिन का फेज-3 ट्रायल 26 हजार लोगों पर किया जा रहा है।
कोवाक्सिन के अलावा नाक के जरिए दी जाने वाली वैक्सीन भी बना रहीभारत बायोटेक कोरोना की एक और वैक्सीन पर काम कर रही है। वह वैक्सीन इंट्रानेजल होगी यानी वैक्सीन को नाक के जरिए दिया जाएगा। एल्ला ने बताया कि यह वैक्सीन अगले साल तक तैयार हो सकती है।
इंट्रानेजल वैक्सीन की 1 अरब खुराक बनाने की चल रही तैयारीभारत बायोटेक ने सितंबर में इंट्रानेजल वैक्सीन के लिए वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के साथ लाइसेंसिंग समझौता किया था।’ कंपनी ने नोवल चिम्प एडेनोवायरस, सिंगल डोज इंट्रानेजल’ वैक्सीन के लिए सेंट लुइस में वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के साथ लाइसेंसिंग समझौता होने की घोषणा की थी। भारत बायोटेक नाक के जरिए जाने वाले एडेनोवायरस वैक्सीन की एक अरब खुराक तक का उत्पादन करने के लिए काम कर रही है। कंपनी के पास अमेरिका, जापान और यूरोप को छोड़कर सभी बाजारों में वैक्सीन वितरित करने का अधिकार है।
सीरम इंस्टिट्यूट की वैक्सीन भी अंतिम चरण मेंदुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन उत्पादक पुणे स्थित सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया की कोरोना वैक्सीन भी अंतिम चरण में है। कंपनी के सीईओ आदर पूनावाला ने पिछले हफ्ते ही बताया था कि दिसंबर तक वैक्सीन की 10 करोड़ खुराक तैयार हो सकती है। सीरम इंस्टिट्यूट दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर कोरोना की वैक्सीन बना रही है।
सीरम इंस्टिट्यूट ने तैयार कर लिए हैं 6 करोड़ डोजखास बात यह है कि सीरम इंस्टिट्यूट ने अब तक वैक्सीन के 6 करोड़ डोज तैयार कर लिए हैं। दिसंबर तक 10 करोड़ डोज तैयार हो जाएगी। दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टिट्यूट कोरोना वैक्सीन की ज्यादा से ज्यादा खुराक बनाने पर फोकस कर रही है जिसका फायदा भारत के साथ-साथ दुनिया के तमाम देशों को होगा।