2022 से पहले माया का OBC कार्ड! भीम राजभर को बनाया यूपी BSP चीफ

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मऊबहुजन समाज पार्टी के साथ लंबे समय से जुड़े को बसपा के उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इस बात का ऐलान बीएसपी सुप्रीमो ने अपने ट्विटर हैंडल से भी किया है। भीम राजभर मऊ जनपद के रहने वाले हैं ,और वह लंबे समय से बसपा के संगठन में अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।भीम राजभर को बसपा ने हाल ही में हुए बिहार चुनाव की जिम्मेदारी दे रखी थी। बिहार चुनाव खत्म होते ही 2022 के उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संगठनात्मक मजबूती पर ध्यान देते हुए बसपा आलाकमान ने भीम राजभर को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है।इसलिए बसपा ने बनाया ओबीसी अध्यक्षसोशल इंजिनियरिंग के जरिए वोट बटोरने की कवायद के क्रम में ही दलितों की राजनीति करने वाली बहुजन समाज पार्टी अब ओबीसी प्रदेश अध्यक्ष के जरिए पिछड़ी जाति के वोटों को भी रिझाने की कोशिश करेगी, ऐसा राजनीतिक जानकारों का कहना है। ब्राह्मण वोटों के लिए सतीश चंद्र मिश्रा कर रहे जुगतबहुजन समाज पार्टी पहले ही सवर्णों के वोट को जोड़ने के लिए सतीश चंद्र मिश्रा के जरिए फॉरवर्ड वोटों को अपने साथ करने का दाव खेल चुकी है अब 2022 में ओबीसी वोटों पर बहुजन समाज पार्टी की निगाह है।2022 विधानसभा चुनाव को देखते हुए फेरबदल संगठनात्मक फेरबदल पर नवभारत टाइम्स से बात करते हुए वाराणसी मंडल के मुख्य सेक्टर प्रभारी सुभाष चौधरी ने बताया यह पूरी संगठनात्मक फेरबदल को 2022 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ही किया जा रहा है। भीम राजभर का प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाना भी उसी का हिस्सा है। पार्टी आलाकमान का फोकस है कि, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाए ताकि आने वाले चुनाव में एक बेहतर सियासी समीकरण के साथ बहुजन समाज पार्टी सभी सीटों पर प्रमुखता से चुनाव लड़ सके।

कौन है भीम राजभर?
भीम राजभर के पिता छत्तीसगढ़ में नौकरी करते थे। इनके परिवार की कोई राजनैतिक पृष्ठभूमि नहीं रही है। 2012 में मऊ विधानसभा सदर से बीएसपी के टिकट पर चुनाव भी लड़े चुके हैं। वर्तमान में बिहार प्रदेश के प्रभारी का पद इनके पास था। मऊ जनपद के इंदारा के रहने वाले हैं जो कि घोसी विधानसभा क्षेत्र में आता है। पार्टी इन्हें ईमानदार मिशनरी कार्यकर्ता मान रही है।