काहे का बैन, दिवाली पर दिल्ली में जमकर चले पटाखे, प्रदूषण से बुरा हाल

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नई दिल्लीकोरोना वायरस संक्रमण और बढ़ते प्रदूषण के चलते दिवाली के दिन कई दिल्ली समेत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया। हालांकि दीपावली की शाम इन प्रतिबंधों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। नतीजा ये हुआ कि पहले से खराब दिल्ली की हवा और खराब हो गई और गंभीर स्थित में पहुंच गई। जगह-जगह एक्यूआई बढ़ता चला गया।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के वैज्ञानिकों का कहना है कि बेशक गुरुवार का एक्यूआई थोड़े सुधार के बाद ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज हुआ है लेकिन दिवाली के बाद रविवार तक स्थिति बिगड़ सकती है। पीटीआई के मुताबिक दिवाली की रात 10 तक ओवरऑल एयर क्वालिटी इंडेक्स 454 रहा।

आनंद विहार समेत इन इलाकों में हवा में घुला जहर
वहीं दिवाली की रात तक नियंत्रण समिति (DPCC) के अनुसार, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) आनंद विहार में 481, IGI हवाई अड्डे के क्षेत्र में 444 में, ITO में 457, और लोधी रोड क्षेत्र में 414 के साथ ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया है। इन स्थानों पर धुंध के साथ आंखों में जलन और सांस संबंधी परेशानी की भी शिकायत दर्ज की गई। कोरोना वायरस संकंट के बीच दिल्ली की दमघोंटू हवा महामारी को और गंभीर बना सकता है।

धुंध की मोटी चादर छाई
राजधानी के कई हिस्सों में शनिवार रात को धुंध की मोटी चादर छा गई। इससे पहले विशेषज्ञों एवं सरकारी एजेंसियों ने दिवाली की रात को लेकर गंभीर अनुमान जताया था। माना जा रहा है यह दिवाली के बाद जलाए गए पटाखों की वजह से हुआ।

बता दें कि नेशनल ग्रीन ट्रायब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली-एनसीआर में 30 नवंबर तक सभी तरह के पटाखों की बिक्री व उपयोग पर प्रतिबंध लगा रखा है। बावजूद इसके दिवाली पर खूब आतिशबाजी हुई। दिल्ली की हवा को साफ करने और प्रदूषण को कम करने के लिए राजधानी के विभिन्न इलाकों में नगर निगम की गाड़ियां पानी का छिड़काव कर रही हैं। ये गाड़ियां प्रदूषण की अधिकता वाले इलाकों के साथ ही भीड़ भरे बाजारों में भी पानी का छिड़काव कर रही हैं।