-70° का कोल्ड स्टोरेज ही नहीं… Pfizer की कोरोना वैक्सीन पर केंद्र से राहुल के तीखे सवाल

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नई दिल्ली
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष () ने कोरोना () संक्रमण रोकथाम के लिए वैक्सीन को लेकर केंद्र सरकार से अहम सवाल पूछे हैं। दवा कंपनी Pfizer की के सफल ट्रायल के मुद्दे पर राहुल गांधी ने भारत में इसको लेकर जरूरी सुविधाओं पर सवाल उठाए हैं।

राहुल गांधी ने स्नोमेन लॉजिस्टिक्स के सीईओ सुनील नायर के इंटरव्यू को ट्विटर पर शेयर करते हुए सरकार से सवाल पूछा। सीईओ के हवाले से राहुल ने हर भारतीय तक वैक्सीन की पहुंच और उपलब्धता की रणनीति को लेकर सरकार से सवाल पूछा है। उनके अनुसार वैक्सीन के स्टोरेज और ट्रांसपॉर्टेशन के लिए माइनस 70 (-70 डिग्री) की जरूरत होगी। और यह सुविधा भारत में किसी भी लॉजिस्टिक कंपनी के पास नहीं है।

राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि सरकार को बनानी चाहिए, ताकि हर भारतीय को COVID-19 वैक्सीन मिले. गौरतलब है कि Pfizer और पार्टनर BioNTech ने कहा है कि उनके वैक्सीन को Covid-19 को रोकने के क्लिनिकल ट्रायल में 90 प्रतिशत से अधिक प्रभावी पाया गया है।

‘सभी भारतीयों तक वैक्सीन पहुंचाने की क्या रणनीति’
राहुल गांधी ने कहा है कि Pfizer ने भले ही भरोसेमंद टीका बनाया है, लेकिन इसे हर भारतीय को उपलब्ध कराने के लिए लॉजिस्टिक्स को काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को वैक्सीन को बांटने की रणनीति बनानी चाहिए। साथ ही देखना चाहिए कि यह प्रत्येक भारतीय तक कैसे पहुंचेगी।

AIIMS निदेशक ने करार दिया बड़ा चैलेंज
वहीं दिल्ली AIIMS के डायरेक्टर ने कहा, ‘Pfizer वैक्सीन को माइनस 70 डिग्री तापमान पर रखना भारत जैसे विकासशील देशों के लिए एक बड़ा चैलेंज है। यहां कोल्ड चेन को बरकरार रखने में परेशानी होती है, उनमें भी विशेष तौर पर वे जो कि ग्रामीण क्षेत्रों में है। अच्छी खबर यह है कि वैक्सीन रिसर्च तीसरे फेज के ट्रायल में है।’

राहुल ने एक न्यूज चैनल को दिए स्नोमेन के सीईओ के इंटरव्यू की रिपोर्ट को अटैच करते हुए ट्वीट किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में कोई भी कोल्ड चेन लॉजिस्टिक कंपनी कोरोना वायरस के लिए Pfizer वैक्सीन को लोगों तक ले जाने की सक्षम ही नहीं है। इसके लिए माइनस 70 डिग्री तापमान की जरूरत की बात कही गई है। भारत में माइनस 40 डिग्री से अधिक ठंडी क्षमता वाली कोई भी कोल्ड स्टोरेज नहीं है। ऐसे में वैक्सीन वितरण के असफल होने का खतरा है।