रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने और पेंशन कटौती के प्रस्ताव पर नेवी की चिंता

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नई दिल्ली
आर्म्ड फोर्सेस (आर्मी, नेवी, एयरफोर्स) में ऑफिसर्स की रिटायरमेंट ऐज बढ़ाने और पेंशन कटौती के मिलिट्री अफेयर्स डिपार्टमेंट के प्रस्ताव पर अधिकारी नाराजगी जता रहे हैं। इंडियन नेवी के अधिकारियों ने यह चिंता जाहिर की है कि यह प्रस्ताव मनोबल कम करेगा। साथ ही यह सवाल भी है कि फाइटिंग फोर्स किस तरह यंग रहेगी। सीएपीएफ- सिविलियंस ऑफिसर्स और आर्म्ड फोर्सेस के बीच का अंतर भी चिंता बढ़ा रहा है।

नेवी सूत्रों के मुताबिक नेवी के अधिकारी नेवी चीफ को इस संबंध में अलग अलग स्तर पर तैनात अधिकारियों की चिंता से अवगत करा रहे हैं। नेवी चीफ के लिए जो प्रजेंटेशन तैयार किया गया है, उसमें कहा गया है कि इस कदम से न सिर्फ अधिकारियों का मनोबल कम होगा बल्कि टैलंटेड युवाओं को आकर्षित करने की क्षमता भी कम होगी।

‘कई अधिकारी प्री मैच्योर रिटायरमेंट ले लेंगे’
नेवी के एक अधिकारी ने कहा कि प्रस्ताव अगर लागू होता है तो कई अधिकारी 12-14 साल की नौकरी में ही प्री मैच्योर रिटायरमेंट लेने की सोचेंगे क्योंकि 20-25 साल नौकरी करने के बाद भी उन्हें 50 पर्सेंट ही पेंशन मिलेगी। अगर वह जल्दी सर्विस छोड़ते हैं तो उन्हें दूसरी जगह बेहतर जॉब का विकल्प मिल सकता है। यह खास तौर पर नेवी में एक्जिक्यूटिव ब्रांच के अलावा दूसरे ब्रांच के अधिकारियों के लिए सही है, क्योंकि एक्जिक्यूटिव अधिकारी के पास यह इन्सेंटिव है कि वह सर्विस आगे बढ़ने पर कमांड अपॉइंटमेंट में जा सकते हैं। लेकिन टेक्निकल, लॉजिस्टिक, एजुकेशन अधिकारियों के लिए ऐसा कोई इन्सेंटिव नहीं है, इसलिए वह नया प्रस्ताव लागू होने पर जल्दी प्री मैच्योर रिटायरमेंट लेना चाहेंगे, क्योंकि ज्यादा उम्र में अच्छे विकल्प नहीं मिल पाएंगे।

करगिल रिव्यू कमिटी ने की थी ये सिफारिश
करगिल रिव्यू कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में यह सिफारिश की थी कि फाइटिंग फोर्स यानी सेना हर वक्त फिट और यंग रहनी चाहिए। इसी तरह की बात शेकेतकर कमिटी की रिपोर्ट में भी कही गई थी। नेवी के अधिकारी ने सवाल किया कि अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो फाइटिंग फोर्स यंग कैसे रह पाएगी। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी और सेलर जो उम्र के उस पड़ाव में करियर चेंज नहीं करना चाहते जब घरेलू जिम्मेदारियां ज्यादा होती हैं, वह पूरे 57 साल नौकरी करने की सोच सकते हैं ताकि पेंशन बेनिफिट ज्यादा मिले। ऐसे में फाइटिंग फोर्स की एवरेज एज ज्यादा होगी साथ ही युवाओं की भर्ती भी कम हो पाएगी।

बजट पर पड़ेगा विपरीत असर
नेवी ने जो एनालिसिस किया है उसके मुताबिक इस प्रस्ताव का असर बजट पर भी पड़ेगा और लॉग टर्म में यह ज्यादा खर्चीला साबित होगा। नेवी अधिकारी के मुताबिक पूरी पेंशन के लिए 57 साल की उम्र तक नौकरी करने की बाध्यता से अगर वह अधिकारी भी पूरी नौकरी करेंगे जो 41 साल की उम्र में रिटायरमेंट ले सकते थे तो उन्हें फिर 16 साल के लिए सीनियर पे लेवल पर 100 फीसरी सैलरी देनी होगी। यह खर्च 50 पर्सेंट पेंशन और जूनियर ऑफिसर की सैलरी के खर्च से ज्यादा होगा। नेवी अधिकारी के मुताबिक नए प्रस्ताव से प्री मैच्योर रिटायरमेंट लेने पर अधिकारियों की फाइनेंशियल कंडीशन पर असर पड़ेगा और इससे फोर्स के मनोबल पर तो असर पड़ेगा ही साथ ही अच्छे टैलेंटेड युवाओं के लिए भी सर्विस कम आर्कषक होगी।

पेंशन के मुद्दे पर भी जाहिर की चिंता
नेवी की तरफ से यह चिंता भी जाहिर की गई इससे आर्म्ड फोर्सेस और सेंट्रल गवर्नमेंट के सिविलियन कर्मचारी और सीएपीएफ सर्विस के ऑफिसर्स के बीच गैप और बढ़ेगा। क्योंकि सीएपीएफ और सेंट्रल गवर्नमेंट के सिविलियन कर्मचारी जो 2004 से पहले से नौकरी पर हैं वह पूरी पेंशन के हकदार हैं। नेवी के एक अधिकारी ने कहा कि लद्दाख को ही देखें तो वहां आर्म्ड फोर्स और आईटीबीपी भी तैनात है। अगर आईटीबीपी के लोग पूरी पेंशन के हकदार हैं तो वहीं आर्म्ड फोर्स के लोग प्रस्ताव लागू होने के बाद प्री मैच्योर रिटायरमेंट लेने पर पूरी पेंशन के हकदार नहीं होंगे। ऐसे में उनके मनोबल पर बहुत नकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि फैसला लेने वालों को यह सभी पहलू ध्यान में रखने होंगे।

नेवी के एक अधिकारी ने यह भी कहा कि सेलर (आर्मी में सैनिक) कुछ ही ब्रांच में रिटायरमेंट ऐज बढ़ाने से कुछ ब्रांच दूसरे के मुकाबले ज्यादा आकर्षक होंगी। उन्होंने कहा कि नेवी में लॉजिस्टिक और टेक्निकल ब्रांच में रिटायरमेंट ऐज बढ़ाने की जरूरत नहीं है क्योंकि इन दोनों ब्रांच के सेलर भी ऑपरेशनल प्लेटफॉर्म में तैनात रहते हैं।