करतारपुर पर पाक ने चली नई चाल, भारत ने राजनयिक को तलब कर जताया विरोध

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नई दिल्ली
भारत ने शुक्रवार को यहां पाकिस्तान उच्चायोग के प्रभारी राजनयिक को तलब किया और करतारपुर साहिब गुरुद्वारे का प्रबंधन एक सिख संस्था से लेकर एक अन्य ट्रस्ट को सौंपने संबंधी पड़ोसी देश के फैसले को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने पाकिस्तान से तत्काल इस ‘मनमाने’ फैसले को वापस लेने को कहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि पाकिस्तानी मिशन के प्रभारी आफताब हसन खान को स्पष्ट रूप से बताया गया है कि यह फैसला सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है।

पाकिस्तान सरकार ने करतारपुर साहिब का प्रबंधन और रखरखाव का काम पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीएसजीपीसी) से लेकर एक गैर-सिख संस्था ‘इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड’ (ईटीपीबी) को ट्रांसफर कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने इस फैसले पर बृहस्पतिवार को तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।

श्रीवास्तव ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से लिया गया एकतरफा फैसला काफी निंदनीय है और करतारपुर साहिब गलियारा पहल की भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यह फैसला सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं के खिलाफ भी है।

दोनों देशों ने पिछले साल नवंबर में पाकिस्तान में गुरुद्वारा करतारपुर साहिब से भारत के गुरदासपुर में डेरा बाबा साहिब तक गलियारा खोल लोगों को जोड़ने का एक ऐतिहासिक कदम उठाया था। चार किलोमीटर लंबा करतारपुर गलियारा पंजाब के गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक और पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब को आपस में जोड़ता है। कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर गलियारे को मार्च में बंद कर दिया गया था।