ओवैसी ने सुरजेवाला को बताया ‘तोता’, कहा- इनकी वजह से हरियाणा चुनाव हारी कांग्रेस

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पटना
बिहार विधानसभा चुनाव ( 2020) के तीसरे चरण और आखिरी चरण के लिए चुनाव प्रचार का गुरुवार को आखिरी दिन था। आखिरी दिन बिहार चुनाव लड़ रही ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी (AIMIM) के चीफ और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने कांग्रेस (Congress) पर पलटवार किया। ओवैसी ने रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) को तोता बताते हुए कहा, “इस तोते की वजह से आप हरियाणा से राज्यसभा चुनाव हार गए? मध्य प्रदेश में आपके 26 विधायक बीजेपी (BJP) की गोद में बैठे हैं।”

दरअसल, गुरुवार को कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) की B टीम करार देते हुए हमला बोला था। रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, “असदुद्दीन ओवैसी ‘बीजेपीई तोता’ हैं। वोट ध्रुवीकरण की ‘काठ की हांडी’ फेल होगी। बिहार बेकरार है, तैयार है बदलाव के लिए, नई उम्मीदों, अपेक्षाओं और आकांक्षाओं के साथ। महागठबंधन की जीत बिहार के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है।”

असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर कहा, “इस तोते की वजह से आप हरियाणा के राज्य सभा चुनाव हार गए? मध्य प्रदेश में आपके 26 विधायक बीजेपी की गोद में बैठे हैं। कर्नाटका में कितने ऐसे विधायक है जो हमारा वोट लेकर चुनाव के बाद बीजेपी से जुड़ गए? इसलिए कांग्रेस वोट चोर है। 2019 के लोकसभा चुनाव में 191 ऐसी सीटें थी जहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला था। इन 191 में से बीजेपी 175 जीत गई। अगर परीक्षा में किसी को ऐसे वाहियात नंबर आते तो हम उसको ‘प्रेस नोट’ जारी करते हुए तो नहीं देखते। जब ‘ओवैसी ज़िम्मेदार’ के नारों से दिल भर जाए तो विचार करो की कांग्रेस को हारने कि ऐसी लत क्यों लग गई है?”

इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस नोट जारी कर ओवैसी को बीजेपी की B टीम करार देते हुए हमला बोला। सुरजेवाला ने कहा कि जब मोदी को हार नजर आती है तब वे असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को हिदू-मुसलिम की सियासत के लिए मैदान में उतार देते हैं। ओवैसी के भाषण का पूरा स्क्रिप्ट बीजेपी कार्यालय में तैयार होता है, ताकि ध्रुवीकरण को धार दिया जा सके।

सुरजेवाला ने ओवैसी बीजेपी के गठजोड़ का आरोप लगाते हुए कहा कि तेलांगना की 119 विधानसभा सीट में से नौ सीट पर चुनाव लड़ने वाली पार्टी बिहार में किसकी मदद के लिए 24 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। जो दल तेलांगना में पुराने शहर के बाहर कभी चुनाव नहीं लड़ा वो बिहार, यूपी, महाराष्ट्र, झारखंड जैसे इलाकों में चुनावी मैदान में उतरती है। तेलांगना में ओवैसी का गठबंधन सत्ताधारी टीआरएस से है। लेकिन टीआरएस तो मोदी समर्थक है। टीआरएस सीएए और एनआरसी समर्थक है और मोदी के साथ खड़ा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि परोक्ष रूप से टीआरएस के साथ रही ओवैसी बीजेपी का समर्थन नहीं तो और क्या कर रही है। बिहार में ओवैसी बसपा के साथ हैं और यूपी में बसपा हाल ही में बीजेपी को समर्थन दिया।