‘ये मेरा अंतिम चुनाव’, बिहार में प्रचार के आखिरी दिन नीतीश ने की भावुक अपील

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पूर्णिया। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 ( 2020) के तीसरे और आखिरी चरण के मतदान के लिए गुरुवार को प्रचार का आखिरी दिन है। चुनाव प्रचार के आखिरी दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ा ऐलान कर दिया। पूर्णिया में नीतीश कुमार ने जनता से आशीर्वाद देने की भावुक अपील करते हुए कहा कि यह चुनाव मेरा आखिरी चुनाव है, अंत भला तो सब भला।

चुनावी रैली को संबोधित करते हुए नीतीश ने कहा, “आज चुनाव का आखिरी दिन है और परसों चुनाव है, ये मेरा आखिरी चुनाव है। अंत भला तो सब भला। अब आप बताएये इनको वोट दीजिएगा या नहीं। हाथ उठाकर बताइए।”

‘बिहार के विकास के लिए एनडीए को वोट देने की अपील’
जनता से बिहार के विकास के लिए एनडीए (NDA) को वोट देने की अपील करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य की पहले की स्थिति और आज की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य को अभी विकास के नए आयाम तय करने हैं और इसके लिए राजग के पक्ष में मतदान जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा “जब हमें काम करने का मौका मिला, तब हमने कहा था कि न्याय के साथ विकास किया जाएगा। हमने अपना वादा पूरा किया। हमने किसी की भी उपेक्षा नहीं की, सबको साथ ले कर चले, सबका विकास किया। आगे मौका मिला तो राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।”

‘युवाओं को बिहार से बाहर न जाना पड़े, इसके लिए बनाई नई औद्योगिक नीति’नीतीश कुमार ने कहा, “युवाओं को बिहार से बाहर न जाना पड़े, इसके लिए केंद्र सरकार ने योजना बनाई और सहयोग किया है। हमने नई औद्योगिक नीति बनाई है, जिससे प्रदेश में उद्योग के अनुकूल माहौल बनेगा। इसके तहत नई प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक उपयोग करने और युवाओं को प्रशिक्षत करने पर जोर दिया गया है।” उन्होंने कहा कि अब यहीं रोजगार के अवसर पैदा होंगे, लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और रोजगार की मजबूरी में किसी को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। अब बिहार में ही उत्पाद तैयार होंगे जिन्हें बाहर भेजा जा सकेगा। केंद्र का सहयोग और राज्य का प्रयास मिलकर बिहार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

तेजस्वी के ’10 लाख रोजगार’ पर नीतीश का पलटवारराजद नेता तेजस्वी यादव के युवाओं को 10 लाख रोजगार देने के वादे पर पलटवार करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि कुछ लोगों को समझ में कुछ नहीं आता और ऐसे लोग काम भी नहीं करते, केवल जुबान चलाते हैं। उन्होंने कहा, “किन हालात में बिहार के लोगों ने 2005 में हमें काम करने मौका दिया, यह किसी से छिपा नहीं है। तब स्कूल में पढ़ाई, अस्पताल में दवाई का प्रबंध नहीं था। शाम के बाद लोग घर से निकलने में डरते थे।”

बता दें कि नीतीश कुमार ने साल 1977 में अपना पहला चुनाव लड़ा था। उन्होंने नालंदा के हरनौत से चुनाव लड़ा। यहां से नीतीश कुमार चार बार चुनाव लड़े। जिसमें उन्हें 1977 और 1980 में हार मिली, जबकि 1985 और 1995 के चुनाव में नीतीश कुमार ने जीत दर्ज की थी। बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान के लिए गुरुवार को 15 जिलों की 78 सीटों के लिए चुनाव प्रचार का अंतिम दिन है। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।