TRP पर मचे बवाल के बाद टेलीविजन रेटिंग एजेंसियों की गाइडलाइंस की समीक्षा के लिए बनी कमिटी

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नई दिल्ली
पिछले दिनों टीआरपी को लेकर हुए विवाद के मद्देनजर बुधवार को केंद्र सरकार के सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने टीआरपी से जुड़ी गाइडलाइंस की समीक्षा के लिए एक कमिटी का गठन किया, जिसके बारे में मंत्रालय की ओर से बाकायदा जारी किया। प्रसार भारती के सीईओ शशि एस वेम्पति की अध्यक्षता में सरकार ने चार सदस्यी जो कमेटी बनाई है उसमें उनके अलावा आईआईटी कानपुर के स्टैटिस्टिक्स विभाग के डॉक्टर शलभ, सीडॉट के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ राजकुमार उपाध्याय व डिसीजन साइंसेज सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी के प्रोफेसर पुलक घोष शामिल हैं।

मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पिछले कुछ सालों में मौजूदा गाइडलाइंस के आधार पर चल रही टीआरपी रेटिंग प्रक्रिया में बदलाव की जरूरत महसूस की गई। खासकर, टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (ट्राई) की हालिया सिफारिशों में मौजूदा सिस्टम को और अधिक मजबूत, विश्वसनीय और पारदर्शी बनाने की बात कही गई थी। जिसके मद्देनजर टीआरपी रेटिंग के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए एक कमिटी का गठन किया जा रहा है, जो देश की मौजूदा रेटिंग सिस्टम में सुधार को लेकर एक रोडमैप सामने रखेगी। नवगठित कमिटी मौजूदा गाइडलाइंस का अध्ययन करने के साथ-साथ ट्राई की सिफारिशों व इंडस्ट्री के मौजूदा हालात और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपने सुझाव देगी।

टीआरपी रेटिंग सिस्टम पर हुई था विवाद
उल्लेखनीय है कि सूचना व प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी मौजूदा गाइडलाइन संसदीय समिति के बीच विस्तृत चर्चा और ट्राई की तत्कालीन सिफारिशों आधार पर तैयार की गई थी। गौरतलब है कि पिछले दिनों टीआरपी रेटिंग से छेड़छाड़ के कथित मामले सामने आने के बाद टीआरपी रेटिंग सिस्टम पर विवाद मचा था। यह कोई पहला मौका नहीं है, इससे पहले भी रेटिंग सिस्टम की प्रक्रिया और विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगते रहे हैं।