चीन से तनाव के बीच भारत ने सुखोई विमान से ब्रह्मोस मिसाइल का किया परीक्षण, बंगाल की खाड़ी में टारगेट पर सटीक प्रहार

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नई दिल्ली
अपनी बढ़ती युद्धक क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए इंडियन एयर फोर्स ने शुक्रवार को सुखोई फाइटर जेट से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में सुखोई विमान से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के एयर लॉन्च्ड वर्जन का सफल परीक्षण किया गया। मिसाइल ने एक डूबते जहाज को पूरी सटीकता से निशाना बनाया। यह परीक्षण ऐसे वक्त किया गया है जब पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर भारत और चीन के बीच जबरदस्त तनाव है।

सूत्रों ने बताया कि जिस सुखोई एयरक्राफ्ट से ब्रह्मोस का परीक्षण किया गया उसे पंजाब के एक फ्रंटलाइन एयरबेस से उड़ान भरी और मिसाइल दागने से पहले हवा में उसमें ईंधन भी भरा गया। ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल का इस तरह का यह दूसरा परीक्षण है।

एयर फोर्स के Su-30 लड़ाकू विमान ने सुबह करीब 9 बजे पंजाब के हलवारा एयरबेस से उड़ान भरी और बीच हवा में एक बार ईंधन भरवाने के बाद बंगाल की खाड़ी पहुंचा। वहां दोपहर करीब डेढ़ बजे विमान से ब्रह्मोस मिसाइल को उसके टारगेट पर दागा गया।

इससे पहले पिछले साल मई में इंडियन एयर फोर्स ने पहली बार ब्रह्मोस मिसाइल के एरियल वर्जन का परीक्षण किया था। तब भी Su-30 MKI फाइटर एयरक्राफ्ट से ही इसे दागा गया था। ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए एयर फोर्स अपने टारगेट पर चाहे वह जमीन पर हो या समुद्र में बेहद सटीक हमला कर सकता है। मौसम चाहे जैसा भी हो, दिन हो या रात हो किसी भी स्थिति में ये मिसाइल सटीकता से अपने टारगेट को ध्वस्त करने में सक्षम हैं।

इंडियन एयर फोर्स अपने 40 से ज्यादा सुखोई फाइटर जेट्स पर ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों को फिट कर रही है। इससे फोर्स की युद्धक क्षमता में काफी इजाफा होगा। पिछले 2 महीनों में भारत में कई मिसाइलों का परीक्षण किया है जिनमें ब्रह्मोस के सरफेस-टु-सरफेस वर्जन के साथ-साथ ऐंटी-रेडिएशन मिसाइल रुद्रम-1 भी शामिल है। रुद्रम-1 को 2020 में फोर्स में शामिल करने की योजना है।
(एजेंसियों से इनपुट के साथ)