आरोपी ने कबूला गुनाह! ‘रिपब्लिक और न्यूज नेशन ने TRP में हेरफेर के लिए दी थी रकम’

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मुंबई
फर्जी टीआरपी केस में अब तक दस लोग गिरफ्तार हुए हुए हैं। दसवीं गिरफ्तारी इस रविवार को की हुई थी। अभिषेक ने क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) के एसीपी शशांक सांडभोर और सीनियर इंस्पेक्टर सचिन वझे के सामने कबूला कि उसे और चैनल की तरफ से टीआरपी मैन्युप्लेट करने के लिए रकम मिलती थी। अभिषेक के अनुसार, उसने यह रकम अपने कुछ साथियों के जरिए कुछ लोगों तक पहुंचाई थी, जिनके घर पर बैरोमीटर लगे थे।

अभिषेक के दो साथियों को CIU पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, बाकी की तलाश चल रही है। फर्जी टीआरपी केस में हंसा रिसर्च कंपनी ने सबसे पहले कांदिवली पुलिस में शिकायत की थी। लेकिन इस केस की जांच कर रही क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट यानी CIU ने अपने इनवेस्टिगेशन में पाया कि हंसा और रिपब्लिक टीवी से जुड़ी कंपनी ARG OUTLIER MEDIA PVT LTD के बीच काफी मनी ट्रेल ट्रांजैक्शन हुआ, लेकिन हंसा की तमाम कंपनियों के जिन भी गवाहों से CIU ने अब तक पूछताछ की, उन्होंने यह बात CIU जांच टीम को नहीं बताई या छिपाई।

‘उन गवाहों के भी बयान, जहां…’CIU के अनुसार, इस केस में जितने भी आरोपी अब तक गिरफ्तार हुए हैं और जो वॉन्टेड हैं, उनमें से कई हंसा रिसर्च कंपनी से जुड़े हैं। उन्होंने हंसा कंपनी के गोपनीय डेटा का अपने फायदे के लिए दुरुपयोग किया। CIU की टीम ने कई उन गवाहों के स्टेटमेंट भी लिए हैं, जिनके घर बैरोमीटर लगाए गए थे। उन्होंने माना कि उन्हें कुछ खास चैनलों को देखने के लिए रकम दी जाती थी, भले ही उनकी इन चैनलों को देखने में दिलचस्पी न हो। CIU इस केस में अब तक लगभग दर्जन लोगों के स्टेटमेंट ले चुकी है। कई गवाहों के CRPC के सेक्शन 164 के तहत मैजिस्ट्रेट के सामने बयान लिए गए हैं।

इनके खिलाफ चल रही है जांच
उमेश मिश्रा नामक एक आरोपी CIU का अप्रूवर बन गया है। अब CIU ने रिपब्लिक टीवी के पांच इनवेस्टर्स को समन भेजा है और उन्हें 30 अक्टूबर को जांच टीम के सामने पेश होने को कहा है। इस केस में रिपब्लिक, न्यूज नेशन के अलावा महामूवी, फख्त मराठी और बॉक्स सिनेमा चैनलों की भी जांच चल रही है।