पाक में बैठे 18 दहशतगर्दों को केंद्र ने घोषित किया आतंकवादी, समझिए क्या होगा असर

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नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने मंगलवार को पाकिस्तान में बैठे भगोड़े आतंकियों या उनके सहयोगियों को आतंकवादी घोषित कर दिया है। इनमें 1993 मुंबई सीरियल बम धमाकों, 26/11 मुंबई हमले, 2019 पुलवामा हमला, 2016 पठानकोट IAF बेस अटैक, 1999 आईसी-814 इंडियन एयरलाइंस हाइजैकिंग, इंडियन मुजाहिद्दीन हमले और जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल आतंकी हैं।

इन आतंकियों की जब्त की जा सकेगी संपत्ति
गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत ‘व्यक्तिगत आतंकवादी’ घोषित किए गए लोगों में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) का खास साजिद मीर भी शामिल है, जिसने 26/11 मुंबई हमलों की कराची में बने कंट्रोल रूम से निगरानी की थी। UAPA के तहत अब इन आतंकियों की संपत्तियों को आसानी से जब्त किया जा सकता है।

सलाहुद्दीन समेत ये आतंकी है लिस्ट में
हिजबुल मुजाहिद्दीन (HM) का सरगना सैयद सलाहुद्दीन, लश्कर-ए-तैयबा का मुखिया हाफिज सईद का रिश्तेदार अब्दुर रहमान मक्की, जैश-ए-मोहम्मद का चीफ मौलाना मसूद अजहर का भाई अब्दुल रउफ असगर, आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का संस्थापक रियाज भटकल और उसका भाई इकबाल भटकल और अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम का ‘दाहिना हाथ’ छोटा शकील और डी कंपनी के दो अन्य टाइगर मेमन और जावेद चिकना भी इस लिस्ट में शामिल हैं।

जुलाई में आतंकी घोषित किए गए थे 9 खालिस्तानी
सितंबर 2019 में मसूद अजहर, हाफिज सईद, दाऊद इब्राहिम और जकी-उर-रहमान लखवी को आतंकी घोषित किया था जबकि अमेरिका स्थित सिख फॉर जस्टिस के हेड गुरपतवंत सिंह समेत 9 खालिस्तानी आतंकियों को इसी साल जुलाई में आतंकी घोषित किया गया था।

गृह मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत इच्छाशक्ति वाले नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 को अगस्त 2019 में संशोधित किया था और इसमें किसी व्यक्ति को आतंकवादी घोषित करने का प्रावधान शामिल किया गया।’

इससे पहले केवल संगठनों को आतंकी संगठन घोषित किया जा सकता था। बयान में आगे कहा गया, ‘राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की प्रतिबद्धता के तहत आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए मोदी सरकार ने आज (मंगलवार को) 18 और लोगों को आतंकी घोषित किया है।’