बिहार चुनाव: इलेक्टोरल बॉन्ड पर रोक की याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग

0
15

नई दिल्ली स्कीम को चुनौती देने वाली याचिका पर जल्द सुनवाई की गुहार लगाई गई है। सुप्रीम कोर्ट में एनजीओ की ओर से गुहार लगाई गई है कि इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को 2018 में चुनौती दी गई थी इस मामले की जल्द सुनवाई की जानी चाहिए।

असोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म की ओर से इससे पहले भी दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले गुहार लगाई गई थी कि इलेक्टोरल बॉन्ड पर रोक लगाई जानी चाहिए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने गुहार ठुकरा दी थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा था।

बिहार में 28 अक्टूबर सेे लेकर 7 नवंबर के बीच चुनाव होने हैं और 10 नवंबर को काउंटिंग होनी है। याचिकाकर्ता की ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया है कि बिहार चुनाव होने वाला है इसी बीच इलेक्टोरल बॉन्ड जारी करने के लिए स्टेट बैंक ने अपने 29 ब्रांच को अधिकृत किया है। याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने मामले में तुरंत सुनवाई की गुहार लगाई है।

सुप्रीम कोर्ट ने 12 फरवरी 2019 को इलेक्टोरल बॉन्ड पर रोक लगाने की याचिका पर सुनवाई के बाद अंतरिम आदेश पारित करते हुए तमाम राजनीतिक पार्टियों को निर्देश दिया था कि वह इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए मिले डोनेशन के बारे में पूरा डिटेल चुनाव आयोग को सील बंद लिफाफे में पेश करें।

तत्कालीन चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुआई वाली बेंच ने कहा था कि उन्होंने तमाम दलीलें सुनी हैं। फाइनैंस ऐंक्ट 2016 व 2017 के बदलाव को देखा है और चुनाव आयोग का जवाब भी देखा है उन्हें लगता है कि मामले में विस्तार से सुनवाई की जरूरत है ऐसे में कुछ अंतरिम व्यवस्था जरूरी है ताकि संतुलन कायम रखना सुनिश्चित हो सके।

ऐसे में ये सही होगा कि सभी पार्टियों को निर्देश दिया जाता है कि उन्हें इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए जो भी फंड मिले हैं उस बारे में डिटेल में चुनाव आयोग को बताएं। इनमें डोनर का नाम, प्रत्येक बॉन्ड में मिले अमाउंट और प्रत्येक बॉन्ड का पूरा डिटेल दिया जाए साथ ही लेनदेन वाले बैंक अकाउंट का डिटेल भी पेश करने को कहा था।