UP: कोर्ट के पूर्व सहायक नाजिर ने बनाई करोड़ों की संपत्ति, ट्रांसफर के आदेश के बाद बन गया पेशकार!

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असगर, सुलतानपुर
मंत्रियों और अफसरों के भ्रष्‍टाचार की खबरें आपने खूब पढ़ी होंगी, लेकिन यूपी के सुलतानपुर से एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां दीवानी कोर्ट में सहायक नाजिर पद पर तैनात रहे एक न्‍यायिक कर्मचारी ने करोड़ों रुपये की संपत्ति जमा कर ली है। विजिलेंस जांच के बाद उसे दूसरे जिले में ट्रांसफर करने का आदेश दिया गया था, लेकिन ट्रांसफर तो दूर उसे प्रमोशन देकर पेशकार बना दिया गया है। पिछले एक साल से वह कोर्ट नंबर 27 में पेशकार पद पर काम कर रहा है। प्रशासनिक जज के आदेश के बाद भी उसकी कुर्सी नहीं हिल पाई है। आखिरकार यह मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। इसमें गंभीर आरोपों से घिरे न्‍यायिक कर्मी विजय गुप्‍ता और जिला जज समेत 6 लोगों को पक्षकार बनाया गया है।

गौरतलब है कि बिलाल अहमद ने जिला अदालत के विजय कुमार गुप्ता के खिलाफ अवैध तरीके से करोड़ों की संपत्ति जुटा लेने समेत अन्य गंभीर आरोप लगाए थे। वर्ष 2018 में अहमद ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के मुख्‍य न्‍यायाधीश समेत कई लोगों से शिकायत की थी। विभागीय अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए विजय गुप्ता के खिलाफ विजिलेंस जांच बैठा दी थी। प्रकरण की जांच प्रभारी विजिलेंस अधिकारी और फैमिली कोर्ट के जज आनंद प्रकाश को मिली थी। उन्‍होंने वर्ष 2019 में ही अपनी जांच पूरी कर हाईकोर्ट के प्रशासनिक जज को रिपोर्ट भेज दिया था, जिस पर आज तक क्या कार्रवाई हुई, यह सामने नहीं आ सका है।

ट्रांसफर पर क्‍या फैसला, अब तक पता नहीं
दूसरी ओर, इस मामले में तत्‍कालीन प्रशासनिक जज ने आरोपी विजय गुप्‍ता का दूसरे जिले में ट्रांसफर करने का निर्देश भी दिया था। 2 जनवरी, 2019 को हुए इस आदेश के बाद से अबतक करीब पौने दो साल बीत चुके हैं, लेकिन विजय गुप्ता के ट्रांसफर पर क्‍या फैसला लिया गया है, यह भी पता नहीं चल पाया है।

शिकायतकर्ता का आरोप- कई बार मिल चुकी जान से मारने की धमकी
न्‍यायिक कर्मी विजय गुप्‍ता के खिलाफ शिकायत करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता बिलाल अहमद का आरोप है कि उन्‍हें कई बार जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। मामले में सुलह के लिए उन पर कई बार दबाव बनाया जा चुका है। बिलाल अहमद का कहना है कि इतने गंभीर मामले में लंबे समय बाद भी कोई कार्रवाई ना होते देख उन्‍होंने अब हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। इसमें हाईकोर्ट के सीनियर रजिस्ट्रार व रजिस्ट्रार इंस्पेक्शन, जनपद न्यायाधीश सुल्तानपुर एवं भ्रष्टाचार के आरोपी विजय कुमार गुप्ता समेत छह लोगों को पक्षकार बनाया है।