बाहर आ जाओ बेटे, कुछ नहीं होगा… और इस तरह आतंक की राह पर गए दो युवाओं ने किया सरेंडर

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श्रीनगर में के बादल धीरे-धीरे छंटते हुए नजर आ रहे हैं। बीते कुछ दिनों में आतंक की राह पर गए कई युवाओं ने सुरक्षाबलों के सामने किया है। की भी प्राथमिकता अब आतंकियों के सफाए से ज्यादा उनके सरेंडर पर है। ऐसा ही कुछ गुरुवार को घाटी के में भी देखने को मिला।

सोपोर के तुज्जार इलाके में सुरक्षाबलों को एक घर में दो आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचे सेना और पुलिस के जवानों ने घर को चारों ओर घेर लिया और उनसे सरेंडर करने को कहा।

सेना के अधिकारी ने पूरे अपनेपन से आतंक की राह पर गए मेराज नाम के युवक को मनाना शुरू किया। अधिकारी ने कहा, ‘मेराज हथियार छोड़कर, हाथ ऊपर करके बाहर आ जाना, आपको कुछ नहीं होगा बेटे।’ दोनों के बाहर आने पर सेना के जवान उनकी तलाशी लेते हैं और अपने साथ ले जाते हैं।

आतंकियों को मारने से ज्यादा उनके सरेंडर पर सेना का फोकस
घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बता दें कि सेना की प्राथमिकता आतंकियों को मारने से ज्यादा उन्हें सरेंडर कराने की है। इससे पहले शुक्रवार को बडगाम के चंडूरा में भी सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर के बाद बहुत ही प्यार से एक आतंकी का सरेंडर कराया। उसके डर को दूर किया कि कोई उसे नहीं मारेगा, बस वह हथियार डाल दे। सुरक्षाबलों की यह कोशिश रंग लाई और आतंकी ने सरेंडर कर दिया।