एयर पलूशन, हाई ब्लड प्रेशर…. इन पांच वजहों से भारत में पिछले साल सबसे ज्यादा मौतें

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भारत में मौत के जोखिम वाले पांच शीर्ष कारकों में वायु प्रदूषण (लगभग 16.7 लाख मौतों के लिए जिम्मेदार), हाई ब्लड प्रेशर (14.7 लाख), तंबाकू का उपयोग (12.3 लाख), खराब आहार (11.8 लाख) और हाई ब्लड शुगर (11.2 लाख मौतों के लिए जिम्मेदार ) हैं।
देश में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण से एक लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। मगर आपको पता है कि इसके अलावा भारत में लोगों की मौत की सबसे बड़ी 5 वजह क्या है? इस सवाल का जवाब हाल ही में एक रिसर्च से मिला है। एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2019 में सबसे ज्यादा मौत वायु प्रदूषण, हाई ब्लड प्रेशर, तंबाकू के सेवन, खराल डाइट और हाई ब्लड शुगर की वजह से हुई है।
भारत में मौत के जोखिम वाले पांच शीर्ष कारकों में वायु प्रदूषण (लगभग 16.7 लाख मौतों के लिए जिम्मेदार), हाई ब्लड प्रेशर (14.7 लाख), तंबाकू का उपयोग (12.3 लाख), खराब आहार (11.8 लाख) और हाई ब्लड शुगर (11.2 लाख मौतों के लिए जिम्मेदार ) हैं।
पिछले तीन दशक में जीवन प्रत्याशा में भारी वृद्धि लांसेट पत्रिका में शुक्रवार को प्रकाशित ‘द ग्लोबल बर्डन ऑफ डिसीज (जीबीडी)’ में दुनियाभर में 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों में मौत के 286 से अधिक कारणों और 369 बीमारियों आदि का अध्ययन किया गया। अध्ययन में पता चला है कि भारत में 1990 से लेकर पिछले तीन दशक में जीवन प्रत्याशा (Life expectancy) 10 वर्ष से अधिक बढ़ी है, लेकिन इन मामलों में राज्यों के बीच काफी असमानता है।
जानें जीवन प्रत्याशा में कब कितनी बढ़ोत्तरी हुईअध्ययन के अनुसार, वर्ष 1990 में भारत में जीवन प्रत्याशा 59.6 वर्ष थी जो 2019 में बढ़कर 70.8 वर्ष हो गई। केरल में यह 77.3 वर्ष है वहीं उत्तर प्रदेश में 66.9 वर्ष है।
वायु प्रदूषण के बाद हाई ब्लड प्रेशर से खतरावैज्ञानिकों के अनुसार, वायु प्रदूषण के बाद तीसरा प्रमुख खतरनाक कारक हाई ब्लड प्रेशर है जो भारत के आठ राज्यों में 10-20 प्रतिशत तक स्वास्थ्य हानि के लिए जिम्मेदार है।
​​तंबाकू का सेवन भी है मौत का कारणसाल 2019 में तंबाकू का सेवन करने से 12.3 लाख लोगों की जान गई है। अध्ययन में पता चला कि भारत में पिछले 30 सालों में सेहत संबंधी नुकसान में सबसे बड़े कारक हृदय रोग, मधुमेह, सीओपीडी और दौरे पड़ने जैसे गैर-संक्रामक रोग हैं।