बलिया कांडः गोली मार फरार नेता के बचाव में BJP विधायक, कहा- यह क्रिया की प्रतिक्रिया

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बलिया
कोटे की दुकान के आवंटन को लेकर उत्तर प्रदेश के बलिया स्थित दुर्जनपुर में गुरुवार को खुलेआम गोलियां चलीं। मारे गए जयप्रकाश पाल के भाई तेज प्रताप पाल का आरोप है कि आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह भाजपा का नेता है और विधायक सुरेंद्र सिंह का खास है। उनके दबाव में पुलिस ने पकड़ने के बाद आरोपी को भगा दिया। इधर, विधायक सुरेंद्र सिंह ने इस मामले में विवादित बयान दिया है। उन्होंने घटना को क्रिया की प्रतिक्रिया बताया है।

अपने बयानों को लेकर अक्सर विवादों में रहने वाले बैरिया विधानसभा से विधायक सुरेंद्र सिंह ने बलिया फायरिंग कांड में भी विवादित बयान दिया। एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर कोई परिवार पर हमला करेगा तो सामने वाला क्रिया की प्रतिक्रिया देगा ही।

‘आपको पता नहीं वहां क्या हुआ?’सुरेंद्र सिंह ने कहा, ‘आप लोग उसे आरोपी बता रहे हैं। उसके पिता को उन्होंने डंडे से मारा। किसी के पिता, किसी की माता, किसी की भाभी और किसी की बहू को को मारेगा तो क्रिया की प्रतिक्रिया होगी ही।’

हालांकि उनके बयान पर आलोचना शुरू हुई तो उन्होंने कहा, ‘आपको पता नहीं वहां क्या हुआ? दोनों तरफ से पथराव हुआ। डंडे चले। किसने फायरिंग की, पता नहीं। फिलहाल जिसने भी यह किया हो, वह सरेंडर नहीं करेंगे तो दंड मिलेगा। अपराध किए हैं तो क्षमा नहीं मिलेगी।’

हाथरस मामले में भी दिया था विवादित बयान
इससे पहले सुरेंद्र सिंह ने हाथरस केस को लेकर भी अटपटा बयान दिया था।
ने कहा था , ‘फर्जी महिला उत्पीड़न और दलित उत्पीड़न के नाम पर किसी का भी जीवन संकट में पड़ सकता है। लैब रिपोर्ट से यह बात सामने आ गई है कि पीड़िता का रेप नहीं हुआ था। युवती के साथ मारपीट हुई है व उसकी हत्या हुई है। यह निंदनीय घटना है। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।

कांग्रेस बेवजह की राजनीति कर रही है। दलित की बेटी के उत्पीड़न की बात कही जा रही है। यह गलत है, बेटी तो बेटी होती है चाहे वह दलित की बेटी हो या फिर ब्राह्मण की। इस वजह से दलित बेटी की जगह सिर्फ बेटी शब्द का प्रयोग किया जाना चाहिए।

इस मामले में जिस तरीके से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (एसपी) और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) राजनीति कर रही है, वह राजनीति का न्यूनतम स्तर है। लोकतंत्र में किसी भी बेटी की रक्षा करना जनप्रतिनिधि और सरकार का धर्म है।’