अमेरिका की हाई लेवल टीम का भारत दौरा, चीन समेत कई मुद्दों पर होगा मंथन!

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नई दिल्ली
अमेरिका की एक हाई लेवल टीम (US High Level Team) भारत के दौरे पर आ रही है। इस दौरे में कई अहम मुद्दों पर बात हो सकती है। अमेरिकी टीम का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अफगानिस्तान (Afghanistan) में शांति प्रक्रिया अंतिम चरण में होने का दावा किया जा रहा है तो एलएसी पर भारत-चीन के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार वहां के डेप्युटी सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट स्टीवन ई. बीगन 12 से 16 अक्टूबर के दौरान भारत और बांग्लादेश की यात्रा पर रहेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार डेप्युटी सेक्रेटरी तीन दिन दिल्ली में रहेंगे जिस दौरान वह कई अहम मीटिंग में भाग लेंगे। वहीं इंडिया-यू.एस. फ़ोरम में भाषण भी देंगे।

सेक्रेटरी पोम्पियो की 6 अक्टूबर को भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान हुई बातों को वह आगे बढ़ाएंगे। इसी साल होने वाली अमेरिका-भारत 2+2 मंत्री स्तरीय वार्ता से पहले, सेक्रेटरी बीगन का यह दौरा अमेरिका- भारत व्यापक वैश्विक रणनीतिक भागीदारी को आगे बढ़ाने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र एवं दुनियाभर में शांति, समृद्धि और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए बढ़ाया गया एक कदम है। अमेरिका और भारत किस तरह साथ-साथ काम कर सकते हैं, इस पर यह सारा कार्यक्रम केंद्रित होगा। जाहिर है इसमें चीन का मसला भी आ सकता है। चीन के मुद्दे पर अमेरिका लगातार भारत के साथ खड़ा है। वहीं इस दौरे में भारत अमेरिका से एच1वीजा में बदलाव पर अपनी चिंता से अवगत करा सकता है।

तालिबान वार्ता पर जल्द होगा अहम एलान?
अगले कुछ दिनों में तालिबान-अमेरिका समझौते की दिशा में अहम एलान की चर्चा फिर बढ़ गयी है। दरअसल अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया कि इस साल के अंत से अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी शुरू हो जाएगी जिसके बाद इसे लेकर अटकल तेज हुई है।
मालूम हो कि तालिबान ने अमेरिका के सामने शर्त रखी थी कि अगर अमेरिकी सेना अफगानिस्तान से वापस लौटता है तो वह बातचीत को तैयार है और वह कई शर्तों को माननते को तैयार हो सकता है। अफगानिस्तान में अमेरिका के 17 हजार सेना है।

दरअसल, ट्रंप इस साल आम चुनाव से पहले अफगानिस्तान से अमेरिका के 17 हजार से अधिक सैनिकी की वापसी का ऐलान करना चाहते हैं, जिसके लिए तालिबान के साथ समझौता वार्ता दो साल के अधिक समय से चल रही है। यह अमेरिका इतिहास का अब तक का सबसे लंबा वार जोन बना हुआ है।