बीजेपी के मार्च पर ममता सरकार का ऐक्शन, विजयवर्गीय समेत कई नेताओं पर मुकदमा

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कोलकाता
पश्चिम बंगाल की ने बीजेपी के ‘नबन्ना चलो अभियान’ पर कड़ा रवैया अपनाया है। ‘नबन्ना चलो अभियान’ को लेकर कोलकाता पुलिस ने बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव कैलाश विजयवर्गीय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय, सांसद लॉकेट चटर्जी, अर्जुन सिंह, राकेश सिंह, बीजेपी नेताओं भारती घोष और जयप्रकाश मजुमदार के खिलाफ गैरकानूनी विधानसभा और कानून उल्लंघन के मामले में मुकदमा दर्ज किया है। उधर, पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने कोलकाता पुल‍िस की कार्रवाई पर ममता सरकार पर हमला बोला है।

भारतीय जनता पार्टी के पश्चिम बंगाल इकाई के अध्‍यक्ष दिलीप घोष ने शुक्रवार को कहा, ‘पुलिस तृणमूल कांग्रेस कैडर की तरह काम कर रही है। यह साफ है कि सीएम ममता बनर्जी डरी हुई हैं और इसलिए पुलिस का इस्तेमाल अपने कैडर के रूप में कर रही हैं। हमारे खिलाफ दर्ज मामले शर्मनाक हैं। हम कानूनी रूप से लड़ेंगे।’

‘बिना अनुमति निकाला गया नबान्न तक मार्च’
इससे पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा कि बीजेपी का राज्य सचिवालय ‘नबान्न तक मार्च’ बिना अनुमति के निकाला गया और यह महामारी अधिनियम के स्वीकार्य मानकों के दायरे में नहीं था। हजारों बीजेपी कार्यकर्ताओं ने राज्य में ‘बिगड़ती कानून व्यवस्था’ के खिलाफ सचिवालय तक मार्च में भाग लिया। मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय ने कहा कि सरकार ने मार्च की अनुमति नहीं दी थी क्योंकि बुधवार शाम को इसके लिए आवेदनों में कहा गया था कि कई रैलियां निकाली जाएंगी और सभी में करीब 25-25 हजार प्रतिभागी भाग लेंगे।

बीजेपी कार्यकर्ताओं का पुलिस के साथ हुआ संघर्ष
मुख्य सचिव ने कहा क‍ि शहर के अनेक हिस्सों में और पड़ोस के कोलकाता में गुरुवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं का पुलिस के साथ संघर्ष हुआ। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं की हत्या की घटनाओं के विरोध में पथराव किया और जले हुए टायर फेंककर मार्ग बंद किये। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने दोनों शहरों में तीन घंटे से अधिक समय तक चले प्रदर्शनों में शामिल बीजेपी कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, आंदोलनकारियों की पिटाई की और पानी की बौछार की।

मुख्‍य सच‍िव ने पुल‍िस कार्रवाई की प्रशंसा की
बंदोपाध्याय ने पुलिस कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए उसे हालात से शांतिपूर्ण तरीके से निपटने का श्रेय दिया। हालांकि, संघर्ष के दौरान कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। उन्होंने कहा क‍ि कोलकाता पुलिस और राज्य पुलिस के अधिकारियों ने संयम बरतकर शांति कायम रखते हुए सराहनीय कार्य किया। हम उनका आभार प्रकट करते हैं। उकसावे की कार्रवाई की गई और पुलिस पर हमले किए गए और कुछ पुलिसकर्मी जख्मी हो गये। हथियार भी जब्त कर लिए गए। मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदर्शन के मामले में कोलकाता में 89 और हावड़ा में 24 लोगों को हिरासत में लिया गया है।