हाथरस: गैंगरेप पीड़िता का भाई और आरोपी का एक ही नाम, नए दावे से केस और उलझा

0
13

हाथरस
हाथरस गैंगरेप और मौत मामले में आए दिन नए दावे हो रहे हैं। जेल में बंद आरोपियों ने हाथरस एसपी को चिट्ठी लिखकर खुद को बेगुनाह बताया है और पीड़िता के परिवार पर ‘ऑनर किलिंग’ का आरोप मढ़ दिया है। अब आरोपी के परिवार ने कहा है कि पीड़िता अपने पहले बयान में एक ही नाम ले रही थी। उन्होंने दावा किया कि पीड़िता का भाई और आरोपी हमनाम के हैं। पहले कॉल डीटेल, फिर आरोपियों की चिट्ठी और अब इस नए दावे से हाथरस कांड की गुत्थी और उलझती जा रही है।

हाथरस कांड के एक आरोपी के चाचा ने न्यूज चैनल से बातचीत में कहा, ‘घटना के बाद लड़की ने शुरुआत में एक ही नाम लिया था और उसके भाई का भी वही नाम है। बाद में लड़की की मां ने कह दिया कि ठाकुर के लड़के ने गला दबा दिया।’

पढ़ें:

‘मेरे भाई ने तो पीड़िता को पानी पिलाया’
वहीं अन्य आरोपी लवकुश के भाई ने कहा, ‘लड़की की मां और भाई वहीं चारा काट रहे थे। हम दूसरी तरफ थे। जब यह सब पता चला तो वहां देखने गए। मेरी मां ने मेरे भाई से बोला कि लाला पानी भर लाओ वरना ये मर जाएगी। मेरा भाई पानी भरकर लाया और उसे पिलाया।’

‘हम चाहते हैं कि पीड़िता को न्याय मिले’
आरोपियों के रिश्तेदारों ने कहा, ‘हम भी चाहते हैं कि लड़की को न्याय जरूर मिले। जो दोषी है उसे कड़ी सचा मिले। हम हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। सीबीआई, नार्को, एसआईटी कोई भी जांच करा लो, अगर वे दोषी हैं तो सजा दो।’

पढ़ें:

‘पुलिस हमें सुनाए कॉल रेकॉर्ड’
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने पीड़िता के भाई का नाम ‘सैनिटाइजर’ नाम से सेव किया है। इस पर पीड़िता के भाई ने कहा, ‘हमें इस विषय में कोई जानकारी नहीं है। हमारी आरोपी से कभी बात नहीं हुई और अगर पुलिस ऐसा दावा कर रही है तो हमें कॉल रेकॉर्ड सुना दी जाएं।’

आरोपियों की चिट्ठी पर पीड़िता के परिवार ने कहा कि आरोपी सजा से बचने के लिए यह दांव चल रहे हैं। एक न्यूज चैनल से उन्होंने कहा, ‘हमारे खिलाफ साजिश की जा रही है। उसको (पीड़िता) चुपके से जला दिया। अब हम लोगों को जहर दे दो।’

पढ़ें:

पीड़िता के भाई का पुलिस पर आरोप
इससे पहले कॉल डीटेल रेकॉर्ड (CDR) से मामले में ट्विस्ट आया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि मुख्य आरोपी संदीप और पीड़िता के परिवार के बीच 5 महीने में 100 कॉल हुई थीं। इस पर पीड़िता के परिवार का कहना है कि वे लोग आरोपी के संपर्क में नहीं थे। परिवार ने कथित कॉल डीटेल रेकॉर्ड की सत्यता पर भी सवाल खड़े कर दिए। पीड़िता के बड़े भाई ने कहा कि पुलिस मेरी बहन का चरित्र हनन करने में जुटी हुई है। यूपी पुलिस हमें फंसाने की कोशिश कर रही है क्योंकि हम गरीब हैं।