Covid-19 Vaccine : कोरोना की वैक्सीन बनने का अब पता चल रहा नया समय

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नई दिल्ली
भारत समेत पूरी दुनिया कोरोना के कहर (Coronavirus Pandemic) से जूझ रही है। सबकी निगाहें उसके वैक्सीन (Corona Vaccine updates) यानी टीके पर है। कब तक वैक्सीन बनकर तैयार हो जाएगी? कब तक उपलब्ध होगी? ये सवाल सभी के मन में उठ रहे हैं। हालांकि, वैक्सीन बनाने में जुटे एक्सपर्ट्स के मुताबिक वैक्सीन के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोविड-19 के लिए प्रभावी टीका आम लोगों को 2021 में पतझड़ के मौसम से पहले उपलब्ध होने की संभावना नहीं है। अमेरिका और कनाडा में पतझड़ का मौसम सितंबर से नवंबर अंत तक होता है।

कनाडा में मैकगिल यूनिवर्सिटी के रिसर्चरों ने वैक्सीन विकसित करने के लिए काम कर रहे 28 विशेषज्ञों को लेकर सर्वेक्षण किया गया। जिन विशेषज्ञों को इस सर्वेक्षण में शामिल किया गया है, उनमें अधिकतर कनाडाई या अमेरिकी वैज्ञानिक है, जो पिछले औसतन 25 साल से इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं। मैकगिल यूनिवर्सिटी के प्रफेसर जोनाथन किम्मेलमैन ने कहा, ‘हमारे सर्वेक्षण में विशेषज्ञों ने टीका बनाने को लेकर जो अनुमान जताया है, वह अमेरिकी सरकारी अधिकारियों की तरफ से 2021 की शुरुआत की दी गई समयसीमा के मुकाबले कम आशावादी है।’

किम्मेलमैन ने कहा कि वैज्ञानिकों का मानना है कि आम लोगों के लिए अगले साल गर्मियों में वैक्सीन विकसित होना सबसे अच्छी स्थिति होगी, लेकिन इसे आने में 2022 तक का समय लग सकता है। अमेरिका के कर्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी में असोसिएट प्रफेसर स्टीफेन ब्रूमेल ने बताया, ‘हमारी स्टडी से पता चला कि कोविड-19 वैक्सीन कब तक आ पाएगी, इसे लेकर एक्सपर्ट्स की लगभग एक राय थी।’ ब्रूमेल ने एक बयान में कहा कि सरकारें अतिआशावाद दिखा रही हैं। रिसर्चर पिछली वैक्सीनों के मुकाबले कोविड वैक्सीन को तेजी से बना रहे हैं लेकिन समय लगेगा।

बात अगर भारत की करें तो यहां 3 वैक्सीनों के ट्रायल चल रहे हैं जो अलग-अलग चरणों में हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कुछ दिन पहले बताया था कि भारत में 3 वैक्सीन कंपनियां कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार करने में जुटी हुई हैं और इनके परीक्षण अलग-अलग चरणों में चल रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि 2021 की पहली तिमाही में भारत में कोरोना वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगा।

दिल्ली एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया के मुताबिक अगर सब कुछ ठीक रहा तो भारत में अगले साल जनवरी तक कोरोना की वैक्सीन मार्केट में आ जाएगी। उन्होंने एक निजी न्यूज चैनल के साथ शुक्रवार को बातचीत के दौरान यह बात कही। साथ में उन्होंने यह भी कहा कि वैक्सीन के आ जाने के बाद कुछ हद तक हालात नियंत्रित होंगे लेकिन महामारी पर पूरी तरह काबू पाने में एक से डेढ़ साल तक का वक्त लग सकता है।