मेघालय: 5 दिन की भीषण बारिश ने तोड़ा 60 साल का रेकॉर्ड, 13 की मौत, अभी और तबाही की आशंका

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शिलॉन्ग यूं तो बारिश के लिए ही मशहूर है, मगर इस हफ्ते ऐसी बारिश हुई है जिसने राज्य में पिछले 60 सालों का रेकॉर्ड तोड़ दिया है। 21 सितंबर से लगातार हो रही भीषण बारिश के अभी सोमवार तक जारी रहने की आशंका जताई गई है। बारिश और इसके चलते जगह-जगह हुई भूस्खलन की घटनाओं में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 5 लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों ने उनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य के तीन जिलों (ईस्ट खासी हिल्स, वेस्ट खासी हिल्स और रिभोई) के 37 गांव भीषण बारिश और भूस्खलन से प्रभावित हुए हैं। शुक्रवार को पूर्व खासी हिल्स जिले के मावनेई में भूस्खलन की चपेट में कई मकानों के आने से दो महिला क्रिकेटरों की मौत हो गई और तीन लोग लापता हो गए हैं। मावनेई के सरपंच बाह बुद ने बताया, ‘राज्य की तरफ से राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकीं क्रिकेटर रजिया अहमद और स्थानीय खिलाड़ी फिरोजिया खान के शव मलबे से निकाले गए हैं।’ पूर्व खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक सिल्वेस्टर नोंगटिंगर ने कहा कि लापता लोगों की तलाश का काम चल रहा है।

1960 में हुई थी ऐसी भीषण बारिश, अभी सोमवार तक जारी रहेगा कहर
बता दें कि मेघालय में 21 सितंबर की रात से भारी बारिश हो रही है। बीते 5 दिनों से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। 25 सितंबर को राज्य में 244.7 एमएम बारिश दर्ज की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य ने इतनी भीषण बारिश का सामना इससे पहले 1960 में किया था। वेदर फोरकास्टिंग वेबसाइट ‘द वेदर चैनल’ के मुताबिक, शनिवार से सोमवार तक भारी बारिश की आशंका है।

मुख्यमंत्री ने किया प्रभावित इलाकों का दौरा
मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने शुक्रवार को बारिश से प्रभावित इलाकों का दौरा किया। राज्य में भारी बारिश और भूस्खलन से कई प्रमुख सड़कों और पुलों को नुकसान हुआ है। संगमा ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया, ‘लगातार हो रही बारिश से राज्य की कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई लोगों की जान भी गई है। हम अपनी ओर से नुकसान को कम करने की पूरी कोशिश करेंगे।’

बारिश के साथ भूस्खलन ने बढ़ाईं मुश्किलेंबारिश के अलावा राज्य में कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं जिसके चलते सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों को मलबा हटाने के काम में लगाया गया है। वेस्ट गारो हिल्स के डीसी राम सिंह ने कहा कि एनएच-62 को बंद कर दिया जाएगा और पीडब्ल्यूडी साउथ गारो हिल्स में बाघमारा शहर से संपर्क को बनाए रखने के लिए विकल्पों की तलाश कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम बाघमारा को नेंगखरा-सिजू-कारूकोल से, चोकपोट-सिजू से और रामचंगा/दुमनीकुरा से डालू तक जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। साउथ गारो हिल्स के डीसी एचबी मारक ने कहा कि पुल को दोबारा तैयार करने में समय लगेगा क्योंकि पूरा हिस्सा पानी में बह गया है।