Bihar Elections : गुप्तेश्वर पांडेय ही नहीं, ये दो पूर्व DGP भी लड़ सकते हैं चुनाव

0
13

पटना
बिहार में अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव () को लेकर सियासी घमासान तेज है। इसी बीच सूबे के डीजीपी रहे गुप्तेश्वर पांडेय (Gupteshwar Pandey) ने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही स्वैच्छिक रिटायरमेंट (VRS) ले लिया है। नीतीश कुमार सरकार ने उनके वीआरएस को स्वीकार भी कर लिया है। उनके स्वैच्छिक रिटायरमेंट के बाद अब चर्चा है कि गुप्तेश्वर पांडेय राजनीति में एंट्री कर सकते हैं। उनके बिहार चुनाव में उतरने को लेकर भी चर्चा का दौर जारी है। गुप्तेश्वर पांडेय अकेले नहीं हैं जिनको लेकर ऐसे कयास लग रहे हैं, बिहार के दो और पूर्व डीजीपी हैं, जिनके इस बार चुनाव मैदान में उतरने की बात कही जा रही है। आइये जानते हैं उनके बारे में…

गुप्तेश्वर पांडेय के राजनीति में उतरने की चर्चागुप्तेश्वर पांडेय ने VRS के बाद राजनीति में आने को लेकर अभी तक स्पष्ट तौर से कुछ नहीं कहा है। नवभारत टाइम्स.कॉम से बातचीत में उन्होंने कहा कि राजनीति में जाना कोई बुरी बात नहीं है। लेकिन अभी तक इस पर फैसला नहीं लिया है। फिलहाल उनके चुनाव में उतरने को लेकर सस्पेंस बरकरार है, लेकिन बिहार के पूर्व डीजीपी सुनील कुमार को लेकर चर्चा है कि वो आगामी चुनाव में जेडीयू से उम्मीदवारी कर सकते हैं। उन्होंने पिछले महीने ही जेडीयू की सदस्यता भी ग्रहण की है।

इसे भी पढ़ें:-

एक्स डीजी सुनील कुमार ने ली जेडीयू सदस्यता, लड़ सकते हैं चुनाव1987 बैच के आईपीएस अधिकारी सुनील कुमार 31 जुलाई को ही पुलिस सेवा से रिटायर हुए। रिटायरमेंट के महज एक महीने के अंदर ही उन्होंने जेडीयू की सदस्यता ग्रहण कर ली। पार्टी के दिग्गज नेता ललन सिंह ने उन्हें सदस्यता दिलाई। सुनील कुमार बिहार पुलिस में भवन निर्माण के डीजी पद से रिटायर हुए। 1997 से छह साल तक सुनील कुमार पटना जिले के एसएसपी के तौर पर भी काम किया है। उनकी पहचान तेजतर्रार पुलिस अधिकारी के तौर पर रही है।

सुनील कुमार के पिता रहे हैं कांग्रेस के दिग्गज नेताजेडीयू में आने के बाद चर्चा है कि पार्टी सुनील कुमार को गोपालगंज से चुनाव मैदान में उतार सकती है। सुनील कुमार के पिता चंद्रिका राम भी एक अनुभवी कांग्रेसी नेता रह चुके हैं। वो केबी सहाय सरकार में मंत्री भी रहे थे। उनके बड़े भाई अनिल कुमार गोपालगंज जिले की भोरे सीट से कांग्रेस के मौजूदा विधायक हैं। सुनील के दूसरे बड़े भाई, अजीत कुमार, एक भारतीय विदेश सेवा अधिकारी थे। जेडीयू में आने के बाद सुनील कुमार ने कहा कि मैं समाज सेवा करने के इरादे से राजनीति में शामिल हुआ हूं। पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे उठाऊंगा।

पूर्व डीजीपी केएस द्विवेदी के चुनाव लड़ने की अटकलेंबिहार के पूर्व डीजीपी केएस द्विवेदी को लेकर भी चर्चा है कि वो भी विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारी कर सकते हैं। उनके भागलपुर से चुनाव में उतरने की अटकलें चल रही है। फिलहाल उनकी ओर से स्पष्ट तौर पर अभी कुछ नहीं कहा गया है। द्विवेदी इस समय बिहार राज्य कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष हैं। केएस द्विवेदी, गुप्तेश्वर पांडेय से पहले बिहार के डीजीपी थे। 31 जनवरी, 2019 को गुप्तेश्वर पांडेय ने उनकी जगह बिहार के डीजीपी का पदभार संभाला।